चंडीगढ़ | हरियाणा में ठंड का असर महसूस होना शुरू हो गया है। सुबह और शाम के समय ठंड अधिक महसूस होती है, जबकि दिन में धूप निकलने से तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, हवाओं में नमी के कारण गर्मी का अहसास कम होता है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी दिख रहा है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में आए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण हवा में नमी बढ़ी है, जिससे सुबह और रात के समय तापमान लगातार गिर रहा है।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने के चलते 14 अक्टूबर तक मौसम आमतौर पर शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान मौसम साफ रहने से दिन के समय तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि रात के समय उत्तर और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते तापमान में फिर से हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है।
हवाओं का प्रभाव और तापमान:
- 8 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिमी हवाओं का दौर शुरू हुआ है, जिससे रात का तापमान लगातार गिर रहा है।
- हिसार में 10 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान 16.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
- हिसार, करनाल, फरीदाबाद, कैथल और महेंद्रगढ़ में तापमान 18 डिग्री से नीचे चल रहा है।
- दक्षिण हरियाणा के नारनौल में अधिकतम तापमान लगातार चौथे दिन सामान्य से 7.4 डिग्री कम रहा।
- रोहतक में तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री कम दर्ज किया गया।
बारिश का रिकॉर्ड
हरियाणा में अक्टूबर के पहले 9 दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण करीब 30 एमएम बारिश हुई है, जबकि आमतौर पर इस दौरान केवल 4 एमएम बारिश होती है। यानी इस बार सामान्य से 649% अधिक बारिश हुई। इससे पहले 2004 में पूरे अक्टूबर में कुल 58.4 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। इस भारी बारिश के कारण राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से नीचे चला गया है।







