अम्बाला-:अंबाला में केमिस्ट एसोसिएशन ने ई-फार्मेसी कंपनियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कल पूरे देश में दवा दुकानों को बंद रखने का ऐलान किया है। एसोसिएशन का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा साल 2018 और 2022 में जारी किए गए उन सर्कुलरों को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए, जिनके तहत ई-फार्मेसी कंपनियों को दवाइयों की बिक्री की अनुमति दी गई है।
हरियाणा स्टेट केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि स्थानीय दवा विक्रेता नियमों और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखते हुए दवाइयां बेचते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ई-फार्मेसी कंपनियां दवाओं की गुणवत्ता, स्रोत और मुनाफे को लेकर पारदर्शिता नहीं बरततीं, जिससे मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो सकता है।
एसोसिएशन के कंप्लेंट सेल चेयरमैन बलित नागपाल ने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालक प्रशिक्षित फार्मासिस्ट रखते हैं, जो मरीज को दवा देने से पहले हर जरूरी पहलू की जांच करते हैं। वहीं ऑनलाइन दवा कंपनियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट नहीं होता कि दवाइयां कहां से खरीदी जा रही हैं और किस गुणवत्ता की हैं।उन्होंने कहा कि पारंपरिक दवा विक्रेता सरकार द्वारा निर्धारित कीमतों पर ही दवाइयां बेचते हैं, जबकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मनमाने तरीके से कारोबार कर रहे हैं। इसी के विरोध में देशभर के केमिस्ट एकजुट होकर अपनी दुकानें बंद रखेंगे।







