चंडीगढ़:हरियाणा सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।परिवहन एवं ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि सरकार पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत को प्राथमिकता देते हुए कई नई योजनाओं पर कार्य कर रही है।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन संरक्षण को लेकर दिए गए संदेश का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है और राज्य सरकार भी उसी दिशा में ठोस कदम उठा रही है।
मंत्री ने जानकारी दी कि हरियाणा रोडवेज के बेड़े को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए लगभग 500 नई इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन बसों के आने से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी बल्कि यात्रियों को भी बेहतर और आरामदायक सफर की सुविधा मिलेगी। सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन को धीरे-धीरे पूरी तरह हरित ऊर्जा आधारित बनाना है।इसके अलावा राज्य सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को बढ़ावा देने के लिए नई नीति तैयार कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार हरियाणा में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर 100 प्रतिशत टैक्स छूट देने की योजना बनाई गई है। यह व्यवस्था दिल्ली और चंडीगढ़ की तर्ज पर लागू की जा सकती है। मंत्री ने कहा कि इस फैसले से आम नागरिकों के साथ-साथ सरकारी अधिकारियों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रुचि बढ़ेगी और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी।
ईंधन की बचत को लेकर सरकार प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव कर रही है।परिवहन और ऊर्जा विभागों में अधिकारियों को अधिक से अधिक वर्चुअल बैठकों के आयोजन के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री के अनुसार डिजिटल माध्यमों के जरिए कई प्रशासनिक कार्य आसानी से पूरे किए जा सकते हैं,जिससे अनावश्यक यात्राओं में कमी आएगी और ईंधन की बचत होगी।आगामी कैबिनेट बैठक में इलेक्ट्रिक वाहन नीति और टैक्स छूट से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है।हालांकि मंत्री ने कहा कि बैठक का एजेंडा तय करना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है,लेकिन विभाग की ओर से सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।सरकार का मानना है कि इन कदमों से हरियाणा में स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को हासिल करने में सहायता मिलेगी।







