हरियाणा | हरियाणा सरकार ने योग और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र खोलने का बड़ा फैसला लिया है। इन केंद्रों में योग गुरुओं द्वारा योग थैरेपी के माध्यम से मरीजों का इलाज किया जाएगा। इसी साल से प्रदेश में योग और प्राकृतिक चिकित्सकों का पंजीकरण शुरू किया जाएगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में आयोजित योग महोत्सव में की।
मुख्यमंत्री ने आयुष योग सहायकों की सेवा के दौरान किसी भी दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके परिवार को अपने व्यक्तिगत कोष से तीन-तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की। इसके अलावा, उन्होंने सूर्य नमस्कार अभियान-2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 264 प्रतिभागियों को सम्मानित किया।
सैनी ने बताया कि हरियाणा एकमात्र राज्य है, जहां योग को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। शिक्षा विभाग के 25,000 कर्मचारियों को योग शिक्षक बनाया जा चुका है। सरकार 6,500 गांवों में व्यायामशालाएं खोलने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनमें से 1,121 स्थान चिन्हित किए गए हैं और 714 व्यायामशालाएं बन चुकी हैं। अब तक 877 आयुष योग सहायकों की नियुक्ति भी की जा चुकी है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत राज्य के सभी आयुर्वेदिक औषधालयों को आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में अपग्रेड किया जा रहा है। अभी तक 506 आयुर्वेदिक औषधालय और उप-स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में बदला गया है, जहां 126 योग प्रशिक्षकों की नियुक्ति भी की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि योग महोत्सव 2025 अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों का एक अहम हिस्सा है। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और आयुष विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, हरियाणा योग आयोग के अध्यक्ष डॉ. जयदीप आर्य ने भी अपने विचार साझा किए।







