ऐलनाबाद | राजस्थान की सीमा से सटे ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र के पैंतालिसा क्षेत्र के 45 गांवों में लम्बी नहरबंदी के चलते भीषण गर्मी के बीच पीने के पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। जल घरों की डिग्गियां सूख चुकी हैं, जिससे गांवों में पानी की सप्लाई पूरी तरह से ठप हो गई है।
ग्रामीणों को मजबूरी में खारा पानी पीना पड़ रहा है, वह भी 700 से 800 रुपये प्रति टैंकर के हिसाब से खरीदकर। लोगों ने सरकार की “हर घर नल, हर घर जल” योजना को केवल एक दिखावा करार दिया है, क्योंकि नल तो लगे हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आ रहा।
लगभग एक महीने से बंद हैं नहरें
नहरों में पानी नहीं आने से गुसाईआना, कुम्हारिया, हजीरा, जसानिया, गंजा रुपाणा, कागदाना, गिगोरानी, खेड़ी समेत दर्जनों गांवों के जलघर सूख चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तेज गर्मी और खेतों में काम के इस मौसम में पानी की किल्लत ने हालात और खराब कर दिए हैं।
विधानसभा में भी उठा पानी का मुद्दा
ऐलनाबाद के विधायक भरत सिंह बैनीवाल ने विधानसभा में भी पानी की समस्या को जोरदार तरीके से उठाया था। वहीं, जन स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नहरों में पानी छोड़ दिया गया है और जल्द ही जल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
टेल वाले गांवों में संकट गहरा
चौपटा क्षेत्र के टेल पर स्थित गांवों जैसे खेड़ी, गुसाईआना, जमाल, ढूकड़ा और रायपुर में पानी की समस्या और भी गंभीर है। इन गांवों में नहरों के टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता, जिससे हर साल गर्मियों में जल संकट खड़ा हो जाता है।
टैंकरों से हो रही जलापूर्ति
जल संकट के चलते ग्रामीणों को 700-800 रुपये में टैंकर मंगवाकर पानी खरीदना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि टैंकरों में भी ट्यूबवेल का खारा पानी भरा जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।
जल्द सामान्य होगी सप्लाई: जन स्वास्थ्य विभाग
जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ संदीप मेहता ने बताया कि नहरबंदी के कारण जल घरों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। अब नहरों में पानी छोड़ा जा चुका है और जल्द ही गांवों में नियमित पेयजल सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।







