हिसार,10 मार्च –हरियाणा में होली का त्यौहार अनोखे ढंग से मनाया जाता है.यहां कोरडा मार होली का आयोजन किया जाता है.हरियाणा में होली पर भाभी अपने कोरडो से देवरो को पीटती नजर आ जा रही है. होली फाग पानी के दिन कही रंग और कहीं पानी की बारिश होती दिखाई देती है।कोरडा मार होली असल में रिश्ते में लगने वाले देवर के साथ भाभी होली मनाती है और भाभी के ऊपर देवरा रंग डालता है तो भाभी उसे कपड़े से बने मजबूत कोरड़े से मारती है। देवर भाभी के कोरडो से लाठी के माध्यम से बचाव करते है और तेज तेज पानी फैंक देवर कोरडो से अपना बचाव करता है।
बता दे कि हरियाणा के सभी गावो में होली के दिन महिलाए पुरुषों पर कोरडे बरसाती नजर आती है. होलिका दहन के अगले दिन हरियाणा में प्रदेश में कोरडा होली खेली जाती है.इस तरह की होली की परम्परा हरियाणा में लगातार चल रही है.वहीं महिलाए होली के दिन गीत गाकर त्यौहार मनाती है। हिसार के कूलेरी गांव की होली कुछ खास होती है होली के दिन सुबह लोग एक गांव के चौक पर बड़े बड़े कडाहो में रंग और पानी मिलाकर रख देते है और महिलाए रस्सी या कपड़े का कोरडा बना कर आती है. कडाहे एक तरह महिलाए तो दूसरी तरफ युवा एकत्रित हो जाते है बारी बारी से देवर अपनी भाभी पर रंग डालता है और भाभी करोडो से उस पर बरसात करती है.लोगों की किलकारियों के बीच भाभी देवर को एक दूसरे को हराने की जंग छीड़ जाती है देवर लगातार पानी फैकता है और भाभी कोरडो से उस पर हमला करती है. कूलेरी में भाईचारे और सौहार्द के साथ हर साल होली त्यौहार भाईचारे और धूम धाम के साथ मनाया जाता है।
क्या होती है कोरडा..जानिए
कोरडा कपडे को लपेट कर रस्सी की तरह मजबूत किया जाता है,उसे लपेट कर मोटा किया जाता है कोरड़ा एक दम रस्सी से ज्यादा मोटा हो जाता है वह तैयार हो जाता है। कोरडो से मारने से इंसान को ज्यादा चोट नही लगती। कई बार तो देखा गया है कि भाभी के मजबूत हाथ देवर पर पड जाए तो देवर की पीठ लाल निशान पड़ जाते है।
सेवानिवृत मयूजिक लेकचरार व राष्ट्रपति से अवार्डीड महिला सुश्री राजरानी मल्हान अकसर हरियाणा संस्कृतिक हरियाणवीं परपरओं के कार्यक्रमो में भाग लेती है। राजरानी मल्हाल ने कहा कि हरियाणा की कुछ खास होती है हरियाणा में होली का त्यौहार दो दिन मनाया जाता है फाग (पानी के दिन) हरियाणा कोरडा होली मनाई जाती है कोरडा मतलब का कपडे से बोफिया बनाना मतलब रस्सी जैसा बनाया जाता है पहले समय में रस्सी के अंदर कपड़ा लपेटा था और परंतु आज कपडे से ही कोरडा तैयार किया जाता है। उन्होंने बताया कि यह त्यौहार देवर भाभी का होता है जिसमें पानी और कोरडो के साथ होली खेली जाती है। गांव में पानी कड़ाहे में पानी भर कर फाग का त्यौहार और खुशिया मनाई जाती है घरो में महिल खाने मेंं हरियाणा स्टाइल में माल पुडे व बेसन के लड्डू, गुझिया, मठरी शककर पारे अन्य व्यजन तैयार करती है। शहरो में एकठठे मिल कर त्यौहार के लिए बडे त्यौहार मनाया जाता है।
सतरोल खाप की अध्यक्ष व किसान मोर्चा राष्ट्रीय सदस्य प्रधान सुदेश चौधरी देश में होली की होली अलग अलग ढग से मनाई जाती है। सुदेश चौधरी ने कहा कि हरियाणा के गांव में सभी लोग कोरडा की होली खेली जाती है। महिलाएं पुरुषों पर कोरडा मारती है पुरुष पानी व रंग महिलाओं फेकते है। सुदेश चौधरी ने कहा कि हरियाणा में कोरडा मार होली धूमधाम से मनाई जाती है। उनकी हरियाणा के लोगो से अपील है कि हरियाणा की होली शांतिपूर्ण सद्भाव प्यार के साथ मनाए।







