करनाल-:हरियाणा में जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब आम जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है।करनाल में सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है।शहर की सड़कों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं,जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति उस समय और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई जब हड़ताली कर्मचारियों द्वारा कोर्ट की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर कूड़े से भरी ट्रॉली पलट दी गई।सड़क पर फैली गंदगी और बदबू के कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों में नाराज़गी देखने को मिली। लोगों ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर विरोध करना कर्मचारियों का अधिकार है,लेकिन सार्वजनिक स्थानों और न्यायालय मार्ग पर गंदगी फैलाना सही तरीका नहीं है।इससे आम लोगों के साथ-साथ न्यायिक कार्यों पर आने-जाने वालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।इससे पहले सफाई कर्मचारियों ने ‘झाड़ू उठाओ’ अभियान के तहत नगर निगम से लघु सचिवालय तक प्रदर्शन मार्च निकाला था। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्थायी नौकरी, समान वेतन और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग उठाई।हड़ताल के चलते शहर के कई इलाकों में कई दिनों से कचरा नहीं उठाया गया है।बाजारों और कॉलोनियों में फैली गंदगी से बदबू बढ़ रही है और लोगों को बीमारी फैलने का डर सता रहा है।दुकानदारों और स्थानीय निवासियों ने जल्द समाधान निकालने की मांग की है।सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना,HKRN के तहत चल रही ठेका व्यवस्था समाप्त करना, समान काम के लिए समान वेतन लागू करना और न्यूनतम 30 हजार रुपये मासिक वेतन सुनिश्चित करना शामिल है।कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।वहीं लगातार बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन और सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है।







