कुरुक्षेत्र, 10 मार्च -कुरुक्षेत्र में NH-152 के निर्माण के लिए अधिकृत जमीन के बकाया मुआवजे की मांग को लेकर पिहोवा के किसान रेस्ट हाउस में इकट्ठा हुए। यहां किसानों ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाकर 12 मार्च को हाईवे का काम 1 दिन के लिए बंद करने का निर्णय लिया। जिलेभर के किसान उस दिन ठोल की नई अनाज मंडी में एकत्रित हाेंगे।
मीटिंग के बाद BKU के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने बताया कि साल 2014 में सरकार ने NH-152 के निर्माण के लिए कुरुक्षेत्र जिले के 11 गांवों के किसानों की जमीन को एक्वायर किया था। इन जमीन को नए एक्ट के तहत एक्वायर कर 100 प्रतिशत हर्जाना (सोलेशियम) और ब्याज के साथ करीब 66 लाख रुपए किसानों को 4 महीने के अंदर देना तय किया था।
प्रशासन ने वादा तोड़ा
चढूनी के मुताबिक, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने उस समय किसानों को करीब 66 लाख रुपए में से 45 लाख रुपए दिए थे, मगर बकाया राशि के लिए किसान संघर्ष करते रहे। पिछले महीने BKU ने बकाया मुआवजे के लिए लघु सचिवालय पर धरना देकर 20 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया था।
मीटिंग में प्रशासन ने लिया टाइम
इस पर प्रशासन ने उनके साथ मीटिंग कर 7 मार्च तक जमीन का बकाया मुआवजा देने का आश्वासन दिया। साथ ही मीटिंग में NHAI ने उनको मुआवजे के लिए कहीं कोई अपील नहीं करने का आश्वासन दिया था, मगर NHAI ने किसानों के साथ विश्वासघात करते हुए वादा तोड़ दिया।
NHAI ने डाली अपील
NHAIने असमानपुर, गुमथला गढू और पिहोवा के किसानों को प्रति एकड़ 26 लाख रुपए मुआवजा देने की बजाय कोर्ट में अपील डाल दी, जबकि मीटिंग में तय हुआ था कि प्रशासन अपनी ओर से कोई अपील नहीं डालेगा। किसान चाहे तो अपील कर सकता था। NHAI किसानों को मुआवजा देने में रोड़े अटकाने का काम कर रहा है।
12 मार्च को रोकेंगे काम
अब रोष स्वरूप किसान 12 मार्च को ठोल की नई अनाज मंडी में इकट्ठा होंगे। यहां से रोष प्रदर्शन करते हुए किसान हाईवे पर चल रहे काम को बंद करवाएंगे। 1 दिन के लिए काम को बंद रहेगा। अगर उसके बाद भी प्रशासन ने मुआवजा नहीं दिया तो कोई कड़ा निर्णय लिया जाएगा।







