अंबाला (अंकुर कपूर):2024 में होने वाले MP और विधानसभा चुनावों से पहले हरियाणा की खट्टर सरकार ने अपना रुख बदल लिया है। बेलगाम अफसरशाही पर लगाम कसने के लिए अब सरकार सख्त हो गई है। क्योंकि विधायकों के बाद अधिकारी विधानसभा तक को नजरअंदाज करने से गुरेज नहीं कर रहे। इस बात का खुलासा खुद भाजपा विधायक एवं वॉयलेंस ऑफ प्रोटोकॉल एंड काउंटेंप्चुअस बिहेवियर ऑफ ऑफिसर्स कमेटी के चेयरमैन असीम गोयल ने किया।
बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने विधानसभा सत्र के अलावा विधायकों को यह पावर दी थी कि वो किसी भी विभाग से 3 सवाल पूछ सकते हैं। जिनका जवाब विभाग को हर हाल में 21 दिन के अंदर देना होगा। इसी पावर के तहत विधायक अभय चौटाला, वरुण चौधरी, जगबीर मलिक, सीतराम एवं नीरज शर्मा ने चीफ सेक्रेटरी ऑफिस, पंचायत, कृषि, ULB विभाग से सवाल पूछे थे, लेकिन सवाल पूछे जाने के 3 महीने बीत जाने और 2 बार नोटिस देने के बावजूद भी अधिकारियों ने विधायकों के सवालों का जवाब देना जरूरी नहीं समझा। ऐसे में अब अफसरों को प्रोटोकॉल का पाठ पढ़ाने के लिए वॉयलेंस ऑफ प्रोटोकॉल एंड कंटेम्पशन बिहेवियर ऑफ ऑफिसर्स कमेटी 3 विभागों के चीफ सेक्रेटरियों को नोटिस जारी कर अपनी कचहरी में तलब करने जा रही है।







