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सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में बोले अनिल विज : सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से ही देश का समग्र विकास संभव

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अम्बाला-:हरियाणा के ऊर्जा,परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि देश की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब आर्थिक विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का भी संरक्षण और सम्मान किया जाए।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की आस्था से जुड़े स्थलों को नई पहचान और सम्मान दिलाने का कार्य कर रहे हैं।

ऊर्जा मंत्री अनिल विज को अम्बाला छावनी स्थित हाथीखाना मंदिर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।कार्यक्रम का आयोजन सोमनाथ मंदिर की 75वीं प्राण-प्रतिष्ठा वर्षगांठ के अवसर पर किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संबोधन का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया।विज ने कहा कि राम मंदिर,काशी विश्वनाथ और सोमनाथ जैसे धार्मिक स्थलों का विकास भारतीय संस्कृति और आस्था को मजबूती प्रदान करता है।उन्होंने बताया कि वे स्वयं सोमनाथ मंदिर जाकर दर्शन कर चुके हैं और वहां का वातावरण मन को शांति एवं आध्यात्मिक संतुष्टि प्रदान करता है।उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक रहा है,जिसके कारण इतिहास में कई बाहरी आक्रमणकारियों ने इसे निशाना बनाया।स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभ पटेल के संकल्प से मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ,जो देश की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।

कार्यक्रम में विज ने सोमनाथ मंदिर की ऐतिहासिक और वैज्ञानिक विशेषताओं का भी उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में स्थित स्तंभ दक्षिणी ध्रुव की दिशा की ओर संकेत करता है, जो प्राचीन भारतीय ज्ञान और भूगोल की समझ को दर्शाता है।इस अवसर पर हाथीखाना मंदिर परिसर में कलश यात्रा निकाली गई तथा सूचना,जनसंपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा सोमनाथ मंदिर पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई।मंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर उसकी सराहना की।कार्यक्रम में उपायुक्त अजय सिंह तोमर, एसडीएम कनिका गोयल,भाजपा नेता एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।मंत्री अनिल विज ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाले विद्यालयों को अपने स्वैच्छिक कोष से 21-21 हजार रुपये देने की घोषणा भी की।

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