फरीदाबाद : चन्द्रिका ( TSN)-लगातार बढ़ती गर्मी के चलते इंसान को प्यास बुझाने के लिए लोग फ्रिज के पानी की बजाय मटके के पानी को पीना ज्यादा पसंद कर रहे हैं.जिसके चलते मिट्टी के मटको की मांग बढ़ गई है.वही फिजिशियन भी फ्रिज के ठंडे पानी के बजाय मटके का पानी पीने की सलाह देते हुए कह रहे हैं कि सेहत के लिए मटके का पानी ज्यादा फायदेमंद हैं । मटको की सेल बढ़ने से कुम्हार भी काफी खुश नजर आ रहे हैं ।
मटके के पानी का तापमान संतुलित
पुराने जमाने में हर मौसम में लोग मिट्टी के मटको में पानी भरकर रखते थे और इस पानी को ही पीते थे जो सेहत के लिए फायदेमंद साबित होता था,लेकिन आधुनिक युग में मटको की जगह रेफ्रिजरेटर ने ले ली और मटको का प्रचलन पीछे छूट गया । सरकारी अस्पताल के फिजिशियन डॉक्टर धैर्य अग्रवाल ने बताया कि भीषण गर्मी में लोगों को रेफ्रिजरेटर के बजाय मटके का पानी पीना चाहिए क्योंकि मटके के पानी का तापमान संतुलित होता है और वह धीरे-धीरे ठंडा होता है.ऐसे में जब धूप और गर्मी में कोई व्यक्ति रेफ्रिजरेटर का ठंडा पानी पीता है तो उससे उसका गला खराब हो सकता है, खांसी हो सकती है या फिर उसकी तबीयत बिगड़ सकती है, लेकिन मटके के पानी को पीने से ऐसी कोई संभावना नहीं रहती क्योंकि मटके के पानी में तमाम पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं और यह पानी प्यास भी बुझाता है. जबकि फ्रिज का पानी प्यास बुझाता नहीं बलकी बढ़ता है । उन्होंने कहा कि लोगों को चाहिए कि वह अपना सर ढक कर रखें और समय-समय पर तरल पदार्थ का सेवन करते रहे और लगातार गर्मी में ज्यादा काम ना करें बल्कि बीच-बीच में आराम भी करना चाहिए ।







