रोहतक | रोहतक में 13 वर्षीय दीपांशु पर पिटबुल कुत्ते के हमले के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए अदालत में 100 पेज की चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह चार्जशीट लाढ़ौत रोड निवासी शर्मिला और उसकी बेटी मुस्कान के खिलाफ पेश की गई है। मामले में मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान को अहम साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना 22 मार्च की है जब बसंत विहार निवासी और केंद्रीय सहकारी बैंक के मैनेजर सुनील नेहरा ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके बेटे दीपांशु (13) और पूर्व (7) अपने मामा के साथ लस्सी लेने के लिए लाढ़ौत रोड गए थे। दोनों बच्चे सड़क किनारे खड़े होकर इंतजार कर रहे थे, तभी एक मकान से दो पिटबुल कुत्ते अचानक बाहर आ गए।
बताया गया कि एक कुत्ते ने छोटे बेटे पूर्व पर हमला कर दिया। जब दीपांशु ने अपने भाई को बचाने की कोशिश की, तो कुत्ते ने उस पर भी हमला बोल दिया। हमले में दीपांशु को जमीन पर गिराकर उसके पेट पर गंभीर रूप से काट लिया गया।
चार्जशीट में शामिल मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, कुत्ते के काटने से दीपांशु के पेट पर गहरे घाव बने और 10 से 12 दांतों के निशान पाए गए। मेडिको-लीगल रिपोर्ट में पेट के दाहिने हिस्से में कई गंभीर चोटों और खरोंचों का उल्लेख किया गया है।
पुलिस ने हमले की सीसीटीवी फुटेज भी अदालत में पेश की है, जिसमें कुत्ते को बच्चे पर हमला करते देखा जा सकता है। इसके अलावा, दीपांशु के मामा और एक स्थानीय निवासी को मामले में गवाह बनाया गया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने पिटबुल कुत्ते का नगर निगम में अनिवार्य पंजीकरण नहीं कराया था। नियमों के अनुसार, खतरनाक नस्ल के कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर खुले में छोड़ना और बिना सुरक्षा उपायों के रखना प्रतिबंधित है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें लापरवाही से पालतू जानवर को छोड़कर मानव जीवन को खतरे में डालने जैसे आरोप शामिल हैं, जिनमें जुर्माना और कारावास दोनों का प्रावधान है।
जांच अधिकारी एएसआई कुलदीप ने बताया कि सभी जरूरी साक्ष्यों के साथ चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी गई है और मामले की सुनवाई जारी है।







