अंबाला : चन्द्रिका ( TSN)- शंभु और खिन्नौरी बॉर्डरों पर चल रहे किसान आन्दोलन के दौरान महिला किसानों ने अंतराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया । महिला किसान नेता सुखविंदर कौर, समिता कौर मांगट, गुरप्रीत कौर बरार, सुखदेव कौर कलानंगल, दीप संधू ने बताया की आज अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हजारों की संख्या में पंजाब, हरियाणा से महिला किसानों ने बॉर्डरों पर शिरकत की। उन्होंने कहा कि देश को याद रखना चाहिए की किसान कमेरा कौम ने सदा ही कुरबानी देने से परहेज नहीं किया। माता गुजरी, छोटे शहीबजादे, रानी लक्ष्मीबाई की कुरबानी यह साबित करती है की हमेशा से ही महिला शक्ति देश की लिए आगे आती रही है।
10 मार्च को रेल रोको अभियान में महिलाओं की बराबरी की भागीदारी रहेगी
महिला किसान नेताओं ने कहा कि महिला किसानों का देश के मे खास योगदान रहा है चाहे वह हरित क्रांति हो या सफ़ेद क्रांति। ऐनुअल पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे 2021~2022 का हवाला देते हुए बताया की भारत में कामकाजी महिलाओं में 62.9% महिलाएं किसानी और खेतीबाड़ी में काम करती है।
एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए महिला किसान नेताओं ने बताया की मोर्चे की बागडोर में महिला किसानों की अहम भूमिका रहेगी और 10 मार्च को होने वाली रेल रोको अभियान में भी महिला किसान, पुरुष किसानों के साथ बराबरी में रेल रोकेगी। उन्होंने पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट की महिलाओं और बच्चों की मोर्चे पर शिरकत पर टिप्पणी पर एक सवाल के जवाब में बताया कि हरियाणा सरकार और कोर्ट को यह पता होना चाहिए कि किसानों के शांतमयी आंदोलनों में हमेशा पुरुषों के साथ स्त्री और बच्चों की बराबर हिसेदारी रहती है जैसे खेत में रहती है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर बलजीत कौर मक्कू और सुखविंदर कौर ने मोर्चे पर बतौर स्टेट सेक्रेटरी अपनी भूमिका निभाई। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान साक्षी मलिक, गुरप्रीत कौर, दविंदर कौर हरदासपुर, कुलदीप कौर मोगा, मनदीप कौर दसौली, गुरजीत कौर और अन्य महिला वक्ताओं ने संबोधित किया।






