अंबाला:देश में आपातकाल (इमरजेंसी) के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अंबाला नगर निगम परिसर में भारतीय जनता पार्टी की ओर से एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।प्रदर्शनी में वर्ष 1975 के आपातकाल से जुड़े दस्तावेजों, तस्वीरों और ऐतिहासिक तथ्यों के माध्यम से उस दौर की घटनाओं को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री असीम गोयल, भाजपा जिलाध्यक्ष मनदीप राणा तथा अंबाला की मेयर अक्षिता सैनी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
प्रदर्शनी का उद्देश्य नई पीढ़ी को आपातकाल के दौरान हुए घटनाक्रम और लोकतांत्रिक अधिकारों पर पड़े प्रभाव से अवगत कराना रहा। प्रदर्शनी में उस समय की राजनीतिक परिस्थितियों, नागरिक स्वतंत्रताओं पर लगी पाबंदियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं के सामने उत्पन्न चुनौतियों को विस्तार से दर्शाया गया।इस अवसर पर पूर्व मंत्री असीम गोयल ने कहा कि देश के युवाओं को आपातकाल के इतिहास और उसके प्रभावों की सही जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 से 1977 तक का दौर भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा,जिसे समझना आज की पीढ़ी के लिए आवश्यक है।उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और संविधान के प्रति जागरूकता बनाए रखने के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता है।गोयल ने आपातकाल के दौरान मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित हुई थी,लेकिन अनेक पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद सूचना को जनता तक पहुंचाने का प्रयास जारी रखा।उन्होंने बताया कि आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर हरियाणा के विभिन्न शहरों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।इन आयोजनों का उद्देश्य नागरिकों को लोकतंत्र,संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के महत्व से परिचित कराना है।







