पलवल,15 मार्च -:सरस्वती महिला कॉलेज के समीप स्थित गरुड़ क्लासेस में रविवार को स्कॉलरशिप परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें जिले भर के आठवीं से 12वीं कक्षा के करीब 250 विद्यार्थियों ने भाग लिया। परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को नि:शुल्क एडमिशन प्रदान किया गया।
परीक्षा गरुड़ क्लासेस की निदेशक सुमन डागर के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस अवसर पर सुमन डागर ने बताया कि पिछले दो वर्षों से गरुड़ क्लासेस में स्कॉलरशिप परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और उनकी प्रतिभा को पहचानने में मदद करना है।सुमन डागर ने कहा कि इस तरह की परीक्षाओं से विद्यार्थी अपनी क्षमता को समझ पाते हैं और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं। परीक्षा का लाभ उठाकर छात्र नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नीट और जेईई का तीसरा बैच 23 मार्च से शुरू होने जा रहा है, जिसमें नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा।वार्षिक बोर्ड परीक्षाओं के कारण जो विद्यार्थी स्कॉलरशिप टेस्ट में भाग नहीं ले पाए, उन्हें 22 मार्च को दोबारा मौका दिया जाएगा। सुमन डागर ने कहा कि वंचित या पिछड़ गए विद्यार्थियों को निराश होने की आवश्यकता नहीं है।
गरुड़ क्लासेस में आईआईटी दिल्ली और आईआईटी रुड़की के प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा नीट और जेईई की तैयारी कराई जाती है। शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को परीक्षा की रणनीतियों, नेगेटिव मार्किंग से बचने के तरीके और तनाव प्रबंधन के उपाय सिखाए जाते हैं।इसके अलावा हर 21 दिन में आयोजित टेस्ट के जरिए विद्यार्थियों की वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन किया जाता है।सुमन डागर ने बताया कि इससे पहले पलवल के बच्चों को कोटा और सीकर जाकर परीक्षा की तैयारी करनी पड़ती थी, जिससे आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ता था। अब स्थानीय स्तर पर ही उन्हें उच्च गुणवत्ता की शिक्षा मिल रही है।परीक्षा से पहले अभिभावक भी इस पहल की सराहना करते नजर आए।
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