चंडीगढ़ | हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश में बढ़ रहे अपहरण और गुमशुदगी के मामलों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और हालात चिंताजनक स्तर तक पहुंच चुके हैं।
हुड्डा के अनुसार, हर दिन औसतन 45 से अधिक लोग प्रदेश से लापता हो रहे हैं, और यह संख्या केवल उन्हीं मामलों की है जो पुलिस थानों में दर्ज किए गए हैं। “जिन घटनाओं की रिपोर्ट ही नहीं होती, उनका आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है,” उन्होंने कहा।
जनवरी से मार्च 2025 तक के आंकड़ों का हवाला देते हुए, उन्होंने बताया कि इस दौरान 4100 से अधिक गुमशुदगी और 1000 से ज्यादा अपहरण के मामले दर्ज हुए हैं, यानी रोजाना करीब 12 लोगों का अपहरण हो रहा है।
भूपेंद्र हुड्डा ने केंद्र सरकार द्वारा जारी सामाजिक प्रगति सूचकांक और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि हरियाणा को देश का सबसे असुरक्षित राज्य बताया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी हरियाणा पुलिस को नोटिस जारी कर आठ सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि गुमशुदगी और अपहरण के मामलों में मानव तस्करी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, विशेष रूप से जब पीड़ितों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हों। “यह मामला सिर्फ कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि मानवाधिकारों का भी है,” उन्होंने कहा।
हुड्डा ने 2021 की NCRB रिपोर्ट के हवाले से बताया कि हरियाणा में 1144 हत्याएं, 1716 बलात्कार और हजारों गंभीर आपराधिक घटनाएं दर्ज की गईं। “हरियाणा 3.8 मर्डर रेट और 12.3 रेप रेट के साथ देश में दूसरे स्थान पर है। अब अपहरण के मामले भी इसी दिशा में बढ़ते दिख रहे हैं,” उन्होंने कहा।
उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, “भाजपा सरकार राज्य की कानून-व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह विफल रही है। केंद्र और राज्य की संस्थाएं खुद इसे स्वीकार कर रही हैं।







