गुड़गांव। पिनगवां क्षेत्र के एक मेडिकल स्टोर पर बिना पंजीकृत चिकित्सक की पर्ची के अवैध रूप से गर्भपात की किट बेचने का मामला सामने आया है। इस गंभीर मामले में दो व्यक्तियों—निजाम और राहुल गर्ग—के खिलाफ मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) एक्ट, ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मौके पर ही मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की कार्रवाई
सिविल सर्जन, नूंह द्वारा गठित टीम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिछौर के मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुधीर कुमार और ड्रग कंट्रोल ऑफिसर हरीश सिंह शामिल थे। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि पिनगवां के गर्ग मेडिकोज़ पर बिना चिकित्सकीय अनुमति के एमटीपी किट बेची जा रही है। सत्यापन के लिए टीम ने एक महिला “हेमा” को डमी ग्राहक बनाकर स्टोर पर भेजा। महिला के गर्भपात की बात कहने पर सेल्सपर्सन निजाम ने 500 रुपये में एमटीपी किट उपलब्ध करवाई और उसका उपयोग कैसे करना है, यह भी बताया।
मौके पर छापा, प्रतिबंधित दवाएं बरामद
टीम द्वारा यह पूरी कार्रवाई दूर से मॉनिटर की गई और सौदा होते ही स्टोर पर छापा मारा गया। महिला द्वारा दिया गया 500 रुपये का वही नोट भी बरामद हुआ। एमटीपी किट के साथ-साथ एक अन्य प्रतिबंधित दवा भी जब्त की गई, जो NDPS श्रेणी की थी और उसकी मात्रा तय मानकों से अधिक पाई गई।
फार्मेसी संचालन में भारी अनियमितता
पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि न तो निजाम और न ही राहुल गर्ग पंजीकृत फार्मासिस्ट हैं, इसके बावजूद वे न केवल दवाइयां बेच रहे थे बल्कि ग्राहकों को इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी भी दे रहे थे। यह एमटीपी एक्ट, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट और ड्रग प्राइस कंट्रोल नियमों का गंभीर उल्लंघन है। आरोपियों ने दवाइयों की कीमत भी निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली।
स्टोर सील, जांच जारी
ड्रग कंट्रोल ऑफिसर हरीश सिंह ने तत्काल प्रभाव से स्टोर को सील कर दिया और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जरूरी दस्तावेज, दवाइयां और नकदी जब्त कर ली। कार्रवाई के दौरान निजाम मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
प्रशासन का कड़ा संदेश
ड्रग कंट्रोल ऑफिसर ने कहा कि इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। स्थानीय प्रशासन ने इसे “जनहित में उठाया गया आवश्यक कदम” बताया है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।






