25 अक्टूबर, यमुनानगर— यमुनानगर जिले में अभी तक पराली जलाने की 27 घटनाएं सामने आई है। जिनमें से 15 एक्टिव केस हैं। जबकि कुछ जगह पर अचानक आ.ग लगने की घटना सामने आई है तो एक घटना दूसरे जिले से जुड़ी हुई है।हरियाणा के कई जिलों में पराली जलाने का मामला आजकल खूब चर्चा में है। क्योंकि एक तरफ जहां इससे पर्यावरण प्रदूषण हो रहा है तो दूसरी तरफ इस पर राजनीति भी हो रही है। यमुनानगर जिले में अभी तक पराली जलाने की 27 घटनाएं सामने आई है। जिस पर विभाग ने पांच पर मामला दर्ज किया है जबकि 10 किसानों पर जुर्माना भी वसूला है।
पिछले साल के मुकाबले 50 फ़ीसदी कम पराली जलाने के मामले
कृषि विभाग के अधिकारी आदित्य प्रताप डबास ने बताया कि आठ लोकेशन हमें ऐसी मिली है जहां पर पराली नहीं जलाई गई थी बल्कि वहां पर खेती थी और फसल उगी हुई थी। एक पराली जलाने का हादसा था जबकि एक मामला यमुनानगर जिले से सट्टा अंबाला का था। उन्होंने बताया कि हमें जिले में 15 आग जलाने के मामले ही एक्टिव मिले हैं। कृषि अधिकारी ने यह भी बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार पराली जलाने के मामले में 50 फ़ीसदी की कमी आई है। उन्होंने यह भी बताया की हर बार की तरह इस बार भी कृषि विभाग के कर्मचारी फील्ड पर मुस्तैद है वह न सिर्फ पराली जलाने के मामलों को लेकर गंभीर है। बल्कि किसानों को जागरुक भी कर रहे हैं।







