अम्बाला, 7 मार्च – बदलते दौर के साथ साथ लोगो की सोच भी बदलने लग गई है लेकिन आज भी कई जगहों पर लोगों की सोच महिलाओं का जीना मुश्किल कर देती है, फिर भी इस समाज और लोगों की पुरानी सोच से लड़ते हुए महिलाएं आगे बढ़ती है और खुद की पहचान बनाती है.ऐसी ही एक कहानी अंबाला की रहने वाली मधु भाटिया की है जो एक साधारण महिला ही थी लेकिन वक्त और हालातों ने उन्हें उनके पैरों पर खड़ा होना सिखा दिया और आज एक कामयाब महिला बन कर अपने साथ और भी कई जरूरतमंद महिलाओं को काम दे रही है।
20 साल पहले की थी टिफिन सर्विस की शुरुआत
अपनी सफलता की कहानी बताते हुए मधु भाटिया ने कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने और घर की दिक्कतों को देखते हुए उन्होंने आज से लगभग 20 साल पहले टिफिन सर्विस की शुरुआत की थी.आज वह सर्विस इस कदर अंबाला में चल रही है कि उन्होंने अपने साथ-साथ कई और जरूरतमंद महिलाओं को भी काम दिया है और उन्हें भी अपने पैर पर खड़े होने का मौका दे रही है. उन्होंने बताया कि जिस वक्त यह टिफिन सर्विस शुरू की थी तो 10 से 15 टिफिन ही रोजाना जाया करते थे, लेकिन वक्त और मेहनत के साथ-साथ अब वह 100 से ज्यादा पहुंच चुके हैं और लोग भी घर पर आकर खाना लेकर जाते हैं क्योंकि उन्हें घर का शुद्ध और अच्छा खाना मिलता है। उन्होंने बाकी महिलाओं को भी प्रेरणा देते हुए कहा कि अगर दिल में कुछ ठान ले तो उसे पूरा करने के लिए पूरी कायनात जुट जाती है। मधु भाटिया ने अपने परिवार और कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए टिफिन का काम शुरू किया था और आज मालकिन बन लगभग 6 महिलाओं को रोजगार दे रही है।







