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जर्मनी गए इकलौते बेटे के अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाए परिजन..डॉन्की के रास्ते गया था गुलजार सिंह

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कुरूक्षेत्र, 29 नवंबर — जमीन बेचकर जर्मनी गए इकलौते बेटे के अंतिम दर्शन भी उसके परिजनों को नसीब नहीं हुए। साल 2022 में गुलजार सिंह 30 साल निवासी गांव छज्जूपुर कुरुक्षेत्र की डॉन्की के जरिए जर्मनी जाते समय रास्ते में दौरा पड़ने से मौ.त हो गई, मगर आरोपी एजेंट परिजनों को उसके ठीकठाक होने का बहाना कर गुमराह करता रहा।अब तीन दिन पहले परिजनों को अपने बेटे की मौत की सूचना ने झकझोर कर रख दिया। परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है।
गत दिवस परिजनाें ने गुलजार सिंह का अंतिम भोग कर दिया। गुलजार सिंह अपने पीछे अपनी बुजुर्ग मां, पत्नी हरप्रीत कौर और छह साल के बेटे अगम सिंह को छोड़ गया। गुलजार सिंह के परिजन सरकार से उसका शव भारत लाने की मांग कर रहे हैं। साथ ही आरोपी एजेंट पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है।राजकौर कौर ने बताया कि उसके पति ने अपने हिस्से की एक एकड़ जमीन बेचकर आरोपी एजेंट को आठ लाख रुपये दिए थे। आरोपी ने उसके पति को सीधा जर्मनी भेजने का आश्वासन दिया था, मगर आरोपी ने उसके पति को सर्बिया से डॉन्की के जरिए जर्मनी भेज दिया। उसके पति के साथ और भी कई युवक डॉन्की के रास्ते जर्मनी जा रहे थे। साल 2022 में उसके पति को रास्ते में बुखार हो गया और दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। डॉन्कर से  उसके श.व वहीं छोड़कर आगे बढ़ गए, जबकि आरोपी एजेंट उसके पति के जर्मनी पहुंचने का झूठा आश्वासन देता रहा।
साथ गए युवकों ने दी सूचना
राजकौर ने बताया कि दो-तीन दिन पहले उसके बेटे के साथ डॉन्की के रास्ते जर्मनी जा रहे युवकों ने जर्मनी पहुंच कर उसके बेटे की मौ.त की सूचना उसके रिश्तेदारों तक पहुंचाई। हालांकि वे युवक उस समय ही उसके बेटे की मौ.त की सूचना परिजनों तक पहुंचाना चाहते थे, मगर आरोपी एजेंट व डॉन्करों ने सूचना देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इस डर के कारण उन्होंने कोई वीडियो तक नहीं बनाई।
श.व वापस लाने की मांग
राजकौर ने भारत और राज्य सरकार से उसके बेटे का शव वापस भारत लाने की गुहार लगाई है। साथ ही आरोपी एजेंट पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। गुलजार उसका इकलौता सहारा था। उसके कंधों पर ही घर का गुजारा चल रहा था। गुलजार के पिता की भी काफी समय पहले मौत हो चुकी है। अब उसका इकलौता सहारा भी छीन गया।

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