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कांग्रेस का हुड्डा और उदयभान को फ्री हैंड बंद…बढ़ रही अंतर्कलह…लिस्ट रोके जाने पर क्या बोल गए हुड्डा और उदयभान

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मेवात, 26 दिसंबर ( TSN)-विधानसभा चुनावों में हुई कांग्रेस की हार से कांग्रेस में अंतर्कलह का दौर लगातार जारी है.एक तरफ जहां कांग्रेस में गुटबाजी विधानसभा के चुनावों में पार्टी के लिए नुकसान का कारण बनी तो वहीं अब बड़े नेताओं की खींचतान पार्टी को हाशिए पर ले जाती नजर आ रही है.जिसका कारण है हाईकमान ने हरियाणा में पूर्व CM भूपेंद्र हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष को फ्री हैंड देना बंद कर दिया है.जिससे दोनों नेता उखड़े हुए नजर आ रहे हैं।
 हरियाणा कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया ने प्रदेश अध्यक्ष उदयभान की जिला प्रभारियों की लिस्ट को 24 घंटे के भीतर ही रोक चुके हैं। वहीं चुनाव निपटे ढ़ाई महीने बीत चुके लेकिन नेता प्रतिपक्ष पर अभी तक फैसला नहीं हुआ। इस पर जब भूपेंद्र हुड्डा से पूछा गया कि कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष का ऐलान अभी तक नहीं हो पाया, क्या कहेंगे?, तो वे हाईकमान को लेकर बोले- पूछो उनसे, हमने तो प्रस्ताव पास करके दे दिया था। वहीं उदयभान को प्रभारियों की लिस्ट रोके जाने पर सफाई देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि लिस्ट कैंसिल नहीं की बल्कि रोकी है। प्रदेश अध्यक्ष की जिला प्रभारियों की लिस्ट रोके जाने पर भूपेंद्र हुड्डा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कोई कैंसिल नहीं की है. वह, डिस्कशन करने के लिए रोकी है, उसमें पुराने ही हैं, कुछ नए आए थे, उनके बारे में बात करनी है।
प्रदेश में नए प्रभारियों की नियुक्ति को लेकर उदयभान ने कहा कि मैंने 22 जिलों की लिस्ट जारी नहीं की थी। उनमें कुछ विधायक पार्टी छोड़ गए थे, पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ा या सांसद बन गए या पार्टी विरोधी गतिविधियों में थे, उन 5-6 जगहों पर नाम बदले गए, बाकी तो पहले जैसा ही रहा। इसका उदयभान ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे शारदा राठौर निर्दलीय लड़ीं और 6 साल के लिए निष्कासित हुईं। ललित नागर की जगह चेंज हुई। इसी तरह रोहतक में तीर्थ दहिया पार्टी विरोधी गतिविधियों में थे, जयप्रकाश सांसद बन गए थे, इस वजह से कुछ चेंजेस किए थे।
उदयभान ने कहा कि जब तक जिलों में पार्टी प्रधान नहीं बनते, तब तक यह व्यवस्था की गई थी ताकि पार्टी की पॉलिसीज को धरातल तक ले जाएं। उन्हीं के जरिए पार्टी के प्रोग्राम नीचे तक ले जा रहे थे। वह हमारे धुरी थे। उसमें वह (बाबरिया) कुछ डिस्कस करना चाहते हैं तो कर लें, उसके बाद सब सुलझ जाएगा। संगठन के विस्तार पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अब तो फुर्सत में हैं, इलेक्शन हो गया। जो नुकसान होना था, हो गया। अब यह भी जल्दी हो जाएगा। मुझे इतना नहीं पता कि यह कब तक होगा। हार की वजहों पर उदयभान ने कहा कि AICC ने छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल की अगुआई में कमेटी का गठन हुआ था। उन्होंने सभी विधायकों और पार्टी कैंडिडेटों से वन टु वन बातचीत की है। उन्होंने रिपोर्ट कांग्रेस नेतृत्व को दे दी है। क्या रिपोर्ट दी है, वह तो कांग्रेस नेतृत्व ही जानता है। उदयभान ने प्रदेश में संगठन न बनने का ठीकरा बाबरिया पर फोड़ा। उन्होंने कहा कि हमने कई बार लिस्ट भेजी लेकिन बाबरिया ने उन्हें हाईकमान को देने की जगह खुद दबाए बैठे रहे।

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