22 अक्टूबर, सिरसा –– जिला जेल में बंद महिलाओं को स्वावलंबी बनाया जाएगा और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। यह कहना है हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया का। रेनू भाटिया आज जिला जेल सिरसा का दौरा करने पहुंची थी। जिला जेल का निरीक्षण करने के उपरांत वह मीडिया से रूबरू हो रही थी। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि सिरसा जिले को जिस तरह टैग मिला है कि यह जिला नशे की गर्त में फंसा हुआ है आज वही चीज यहाँ जेल में देखने को मिली है। जिला जेल में उन महिलाओं की संख्या ज्यादा है जो नशे के आरोप में सजा काट रही हैं। उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जाएगा।
अधिकतर महिलाए नशा बेचने के आरोप में काट रही सजा
हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज सिरसा जेल का निरीक्षण किया है और पहली बार वह सिरसा जिला जेल में आई है। यहां पर लगभग 50 के करीब महिलाए हैं जिनमे से अधिकतर ऐसी है जो नशे के बेचने के आरोप में सजा काट रही है। उन्होंने इस पर दुख जाहिर करते हुए कहा की जो इस क्षेत्र को बदनाम होने का टैग लग चुका है कि यहां पर नशे का काम ज्यादा होता है यह वाक्य में देखने को मिली है। इसको बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है। इसके साथ-साथ बैंक फ्रॉड के मामलों में भी महिलाओं की संख्या यहां पर ज्यादा है उन्होंने बताया कि इस पर चिंतन करना होगा कि ऐसी महिलाओं की संख्या ज्यादा क्यों है। उन्होंने कहा की इस पर गंभीरता से काम किया जाएगा कि यह महिला जब बाहर निकलेंगी तो उन्हें समाज की मुख्यधारा से कैसे जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी जेल का उन्होंने दौरा किया है जेल अधीक्षक की बढ़ाई करते हुए कहा की उनके द्वारा किए कार्य काफी सराहनीय है। पूरे हरियाणा की जेल में बंद महिलाओं के बारे में उन्होंने नोटिस किया है कि इन महिलाओं को कोई भी अपनाते नहीं है इसको लेकर मंथन किया गया कि इन महिलाओं को कैसे मुख्य धारा में जोड़ा जाए इसपर विचार किया जा रहे हैं। इसके लिए महिलाओं की टीम भी बनाई गई है जो इन महिलाओं को मुख्य धारा से जोड़ने का काम करेंगी । उन्होंने कहा कि सिरसा की जेल में महिलाओं के लिए काफी सुविधा देखने को मिली है। काफी साफ सुथरा यहां का माहौल था और यहां पर डॉक्टर भी उपलब्ध है।







