खरखौदा | हरियाणा का खरखौदा क्षेत्र इन दिनों पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ों का नया हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। बीते कुछ महीनों में यहां एक के बाद एक मुठभेड़ हुई हैं, जिनमें कई इनामी और वांटेड अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं।
बंबीहा गैंग से जुड़े गैंगस्टर दीपक मान की हत्या के आरोपियों के साथ हुई मुठभेड़ के बाद से यह इलाका लगातार सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है। दिल्ली और हरियाणा के कई कुख्यात शूटरों को भी यहीं से गिरफ्तार किया गया है।
अपराधियों के लिए ‘सेफ जोन’ नहीं रहा खरखौदा
हाल ही में हुई घटनाओं से साफ है कि पुलिस और स्पेशल यूनिट्स की कड़ी निगरानी के बावजूद यह इलाका गैंगस्टर नेटवर्क के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहा खरखौदा, अब क्राइम जोन की पहचान से भी जूझ रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पिछले एक साल में खरखौदा और आसपास के इलाकों में 10 से अधिक मुठभेड़ें हो चुकी हैं, जिनमें कई बदमाश या तो मारे गए या गिरफ्तार हुए।
हाल की प्रमुख मुठभेड़ें
- 7 नवंबर 2025: रोहतक के बलियाना में पिता-पुत्र की हत्या कर फरार हुए आरोपी हिमांशु और सन्नी को खरखौदा पुलिस और एसयूएजी टीम ने मुठभेड़ के बाद पकड़ा।
- 3 अक्टूबर 2025: छिन्नौली मार्ग पर बदमाश निशांत और अजय को एनकाउंटर में काबू किया गया। दोनों पर सीआरपीएफ जवान की हत्या का आरोप था।
- 12 जुलाई 2025: दिल्ली पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त ऑपरेशन में हिमांशु भाऊ गैंग के तीन शूटरों को मटिंडू रोड पर मुठभेड़ में ढेर किया।
- 28 जून 2025: 45 हजार के इनामी बदमाश रवि उर्फ लांबा को पुलिस ने खरखौदा बाईपास के पास एनकाउंटर में मारा।
पुलिस की सख्ती, फिर भी बढ़ रही सक्रियता
लगातार हो रही कार्रवाई के बावजूद, अपराधी गिरोहों की गतिविधियां थम नहीं रही हैं।
पुलिस का मानना है कि औद्योगिक विकास के कारण बढ़ी आवाजाही और शहरी विस्तार का अपराधी फायदा उठा रहे हैं। फिर भी, हाल की लगातार मुठभेड़ें यह साबित करती हैं कि पुलिस अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शने के मूड में नहीं है।
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