हरियाणा | मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार नारायणगढ़ तहसील में ऑनलाइन पेपरलेस डीड पंजीकरण के पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत करने जा रही है
सरल और सुविधाजनक प्रक्रिया
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा के अनुसार, यह पहल भूमि पंजीकरण प्रक्रिया को आम जनता के लिए आसान और तेज़ बनाने के लिए की गई है। इस प्रणाली में खरीदार और विक्रेता ऑनलाइन अपॉइंटमेंट ले सकेंगे और केवल अपॉइंटमेंट वाले दिन फोटोग्राफ और बायोमेट्रिक्स के लिए उपस्थित होंगे।
पूर्व की समस्याओं का समाधान
पहले, कागज़ों की जाँच अपॉइंटमेंट के दिन होती थी, जिससे दस्तावेज़ों की कमी के कारण लगभग 30% पंजीकरण विफल होते थे। अब, टेम्पलेट-आधारित आवेदन ऑनलाइन सत्यापन के बाद ही अपॉइंटमेंट बुक किया जाएगा, जिससे कतारें खत्म होंगी और प्रक्रिया तेज़ होगी।
पारदर्शिता और सुरक्षा
नई प्रणाली में सभी राजस्व रिकॉर्ड वास्तविक समय में अपडेट होंगे। किसी संपत्ति पर विवाद, ऋण या लंबित मामले होने पर इसे स्वतः चिह्नित किया जाएगा, जिससे खरीदार और विक्रेता सूचित निर्णय ले सकेंगे।
सरकारी लाभ और भविष्य की योजनाएँ
डॉ. मिश्रा ने बताया कि यह सुधार राजस्व लीकेज को रोकेगा, सरकारी आय बढ़ाएगा और भूमि लेन-देन में भरोसा व जवाबदेही बढ़ाएगा। भविष्य में इसमें ऑनलाइन सीमांकन सेवाएँ और स्वतः नामांतरण जैसी सुविधाएँ भी शामिल की जाएंगी।
नारायणगढ़ पायलट परियोजना को राज्यव्यापी कार्यान्वयन की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है, जो हरियाणा में भूमि पंजीकरण को डिजिटल, कुशल और पारदर्शी बनाने में अहम साबित होगा।







