अम्बाला : चन्द्रिका (TSN)- 13 फरवरी को दिल्ली कूच का ऐलान कर निकले किसान बीते लगभग 20 दिनों से हरियाणा पंजाब की सीमा पर स्थित शम्भू बॉर्डर पर बैठे हैं। उधर किसानों को हरियाणा में दाखिल होने से रोकने के लिए पुलिस ने किसानों के आने से पहले ही कड़े बंदोबस्त कर लिए थे। जिसके चलते कुछ किसानों को एहतियातन हिरासत में भी लिया गया। वहीं प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ किसानों पर पुलिस ने मुकदमे भी दर्ज किये हैं। ऐसे किसानों को राहत दिलवाने के लिए अब अंबाला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान ने बड़ा एलान किया है। अंबाला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एडवोकेट रोहित जैन ने किसानों पर दर्ज होने वाले केस फ्री में लड़ने का दावा किया है।
अंबाला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एडवोकेट रोहित जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि अंबाला पुलिस ने किसानों आंदोलन 2 के मद्देनजर शुरुआत में ही डीडीआर दर्ज कर 50 से अधिक किसानों को एहतियातन हिरासत में ले लिया था। ऐसे 53 किसानों को फ्री में क़ानूनी सहायता देते हुए उनकी जमानत करवा दी गई है। उन्होंने बताया कि इन किसानों में लगभग 20 किसान पानीपत के भी थे। एडवोकेट रोहित जैन ने कहा कि अंबाला पुलिस ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों को दरकिनार करते हुए भारी भरकम बॉन्ड लेकर किसानों को छोड़ा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वो किसाओं के साथ इसी प्रकार खड़े रहेंगे।
वहीं अंबाला पुलिस ने हाल ही में यह चेतावनी जारी की थी कि आंदोलन में उपद्रव मचाने वालों की पहचान कर उनके पासपोर्ट और वीज़ा रद्द किये जायेंगे। पुलिस की इस चेतावनी पर एडवोकेट रोहित जैन ने कहा कि कोई भी वीज़ा रद्द करने की ताकत सरकार के पास नहीं है,वीजा संबंधित देश ही रद्द कर सकता है। वहीं पासपोर्ट रद्द करने के लिए भी ठोस कारण चाहिए जिसकी प्रक्रिया काफी लंबी है। उन्होंने कहा कि हाइवे और सड़कों पर कंक्रीट की दीवारें खड़ी करने वाले अधिकारीयों के पासपोर्ट रद्द होने चाहिए।






