कैथल (एकता): कहते हैं कि जीवन में कुछ बड़ा काम करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है और संघर्ष करने के लिए हौसले का होना जरूरी है। ऐसा ही कुछ कारनामा कैथल जिले के गांव चंदाना निवासी साइकिल चालक दिव्यांक राणा ने कर दिखाया।

मीडिया सूत्रों के अनुसार युवक ने दुनिया के सबसे ऊंचे मोटर योग्य दर्रे उमलिंग ला को फतेह कर प्रदेश का नाम रोशन किया। बता दें कि दिव्यांक ने 19 मार्च को कैथल से फरीदाबाद से सफर कर लेह तक साइकिल यात्रा की थी। खास बात यह है कि दिव्यांक ने साइकिल चालक के रूप में अपना स्थान बनाया। बताया जाता है कि उलविंग ला दर्रा समुद्र तल से 19,024 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। उमलिंग ला को फतेह करने में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा लेकिन उसने हार नहीं मानी।

जानकारी के मुताबिक 13 घंटे और 45 मिनट के समय में उसने चोटी को फलह किया। उसके बाद उसे कई खूबसूरत और चुनौतीपूर्ण इलाकों से होकर आगे जाना पड़ा। दिव्यांक ने भारत-तिब्बत सीमा पर स्थित भारत के आखिरी गांव का दौरा भी किया। दिव्यांक ने अज्ञात क्षेत्रों का पता लगाने, मौजूदा रिकॉर्ड तोड़ने और सीमाओं को आगे बढ़ाने की योजना बनाई। हर कोई दिव्यांक की तारीफ कर रहा है।







