फरीदाबाद, 11 फरवरी –अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेला प्रांगण में इस बार थीम स्टेट उड़ीसा और मध्य प्रदेश के हस्तशिल्पी अपना नायाब क्राफ्ट लेकर आए हुए हैं जिन्हें दर्शक जहां पसंद कर रहे हैं,वहीं जमकर खरीद भी रहे हैं। ताड़ के पत्तों पर उकेरी गई उड़ीसा की पट चित्रकला सभी दर्शकों को आकर्षित कर रही है।
उड़ीसा से इस कला को लेकर आए क्राफ्टमैन नरेश साहू ने बताया कि यह कल लगभग 200 वर्ष पुरानी है और धार्मिक थीम के ऊपर ताड़ के पत्तों पर सुई के माध्यम से चित्रकारी की जाती है जिसे पट चित्रकला कहते हैं। वही मेला दर्शक भी जहां खूब पसंद कर रहे हैं वहीं खरीद भी रहे हैं । उनके स्टाल पर 50 रुपए से लेकर 2 लाख 20 हजार रुपए कीमत की पेंटिंग उपलब्ध है।
रामायण थीम पर बनी पेंटिंग की कीमत 2 लाख 20 हजार
साहू 200 वर्ष पुरानी उड़ीसा की पट चित्रकला लेकर मेले में पहुंचे क्राफ्ट मैन नरेश साहू ने बताया कि इस चित्रकला को बनाने के लिए पहले सूती कपड़े के ऊपर ताड़ के पत्तों को पेस्ट किया जाता है और फिर सुई से नक्काशी करके पट चित्रकला का निर्माण किया जाता है।उन्होंने बताया कि सभी पेंटिंग धार्मिक थीम के ऊपर बनाई जाती हैं। उन्होंने बताया कि इस बार वह मेले में रामायण थीम की चित्रकला लेकर आए हैं.जिसमें पूरी रामायण का वर्णन है और इसकी कीमत 2 लाख 20 हजार रुपए है। नरेश साहू ने बताया कि वह पिछले 15 साल से इस मेले में आ रहे हैं और उन्हें अब तक काला मणि और कलाश्री जैसे अवार्ड मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के जहां आठ लोग इस पुश्तैनी कला से जुड़े हुए हैं,वहीं उनके गांव के करीब साढे 500 लोग इस कला के साथ लगे हुए हैं। उनका कहना था कि सूरजकुंड मेले में उन्हें बहुत अच्छा रिस्पांस मिलता है जिसके लिए वह हरियाणा सरकार का धन्यवाद करते हैं।







