पलवल | भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए पलवल जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने एक प्रेस वार्ता कर स्पष्ट संदेश दिया कि सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर फर्जी या भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
डॉ. वशिष्ठ ने कहा कि मौजूदा हालात में देश और सेनाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में नागरिकों की जिम्मेदारी बनती है कि वे अफवाहों से दूर रहें और कोई भी असत्यापित संदेश या वीडियो शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच अवश्य करें। उन्होंने आगाह किया कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर जानकारी सही नहीं होती, कई बार जानबूझकर फेक न्यूज फैलाई जाती है, जिससे जनता में भ्रम और डर का माहौल बनता है।
आमजन से की गई अपील
डिप्टी कमिश्नर ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप या एक्स (Twitter) जैसे प्लेटफॉर्म पर भारत-पाक तनाव से जुड़ा कोई संदेश, वीडियो या ऑडियो बिना पुष्टि के आगे बढ़ाना भारी पड़ सकता है। अगर वह सामग्री गलत या फर्जी निकली, तो उस व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस की सोशल मीडिया पर पूरी नजर है और अफवाह फैलाने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
प्रेस वार्ता के दौरान डिप्टी कमिश्नर ने दुकानदारों और व्यापारियों को भी आगाह किया कि सामान का अनावश्यक स्टॉक या कालाबाजारी बिल्कुल न करें। यदि कोई व्यापारी जमाखोरी करते पाया गया तो प्रशासन और सरकार की ओर से उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. वशिष्ठ ने अंत में कहा कि जिले में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी को प्रशासन का सहयोग करना चाहिए और सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करें।







