गुरुग्राम। साइबर सिटी में बढ़ते निर्माण कार्यों के साथ लगातार बढ़ रही निर्माण एवं ध्वस्तीकरण (C&D) मलबे की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम गुरुग्राम ने नई कार्ययोजना तैयार की है। शहर में जल्द ही एक और C&D वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही घरों से मलबा उठाने और उसके निस्तारण के लिए अलग-अलग व्यवस्थाओं के बजाय एक ही एजेंसी को जिम्मेदारी देने की तैयारी है।
नगर निगम ने इसके लिए एकीकृत आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) जारी करने का प्रस्ताव शहरी स्थानीय निकाय विभाग मुख्यालय को भेजा है। अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत घरों से C&D वेस्ट के संग्रहण से लेकर उसके अंतिम निस्तारण तक की पूरी जिम्मेदारी एक ही एजेंसी को दी जा सकेगी। इससे एजेंसी की जवाबदेही तय करने और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने दिए प्रभावी व्यवस्था के निर्देश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान C&D वेस्ट प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण मलबे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने और खुले में अवैध डंपिंग पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए।
निर्माण गतिविधियां बढ़ने से मलबे का दबाव बढ़ा
गुरुग्राम में तेजी से हो रहे निर्माण और तोड़फोड़ के कारण प्रतिदिन बड़ी मात्रा में C&D वेस्ट निकल रहा है। समय पर उठान और निस्तारण नहीं होने से सड़क किनारे, खाली प्लाटों और सार्वजनिक स्थानों पर मलबा जमा हो रहा है। बसई स्थित मौजूदा प्रोसेसिंग प्लांट पर भी मलबे का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
नगर निगम का मानना है कि नई प्रोसेसिंग यूनिट शुरू होने के बाद मलबे के निस्तारण की क्षमता बढ़ेगी और मौजूदा प्लांट पर दबाव कम होगा।
C&D वेस्ट प्रबंधन से जुड़े प्रमुख आंकड़े
- बसई प्लांट में करीब 4 लाख मीट्रिक टन मलबे का बैकलॉग जमा है।
- प्लांट की प्रतिदिन 1,600 टन मलबा प्रोसेस करने की क्षमता है।
- शहर से रोजाना करीब 1,200 टन C&D वेस्ट निकलता है।
- हर महीने करीब 36 हजार टन मलबा प्लांट तक पहुंचाया जा रहा है।
- अब तक 6 लाख टन से अधिक मलबा बसई प्लांट भेजा जा चुका है।
- मलबा संग्रहण के लिए शहर में 5 अस्थायी डंपिंग सेंटर बनाए गए हैं।
- अवैध रूप से मलबा फेंकने वालों के खिलाफ अब तक 431 चालान किए जा चुके हैं।
घरों से मलबा उठाने की व्यवस्था नहीं होने से बढ़ी समस्या
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल घरों से C&D वेस्ट उठाने की नियमित व्यवस्था नहीं है। इसके कारण कई लोग मलबा खाली स्थानों, सड़क किनारे और अन्य सार्वजनिक जगहों पर फेंक देते हैं। इससे अवैध डंपिंग की समस्या बनी हुई है।
नगर निगम अब संग्रहण और निस्तारण के लिए एक ही संयुक्त टेंडर जारी करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इससे मलबा उठाने से लेकर प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया एकीकृत हो सकेगी और अवैध डंपिंग पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि सेक्टर-29, फरीदाबाद रोड, सेक्टर-10 समेत शहर के विभिन्न क्षेत्रों से C&D वेस्ट उठाकर बसई स्थित प्लांट में भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि नए प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना की तैयारी शुरू कर दी गई है और घरों से मलबा संग्रहण व निस्तारण की एकीकृत व्यवस्था लागू करने पर भी काम चल रहा है।







