अंबाला-:प्रधानमंत्री के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 28 जून का प्रसारण अंबाला छावनी में उत्साह के साथ सुना गया। इस अवसर पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ एक निजी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे।यहां बड़ी एलईडी स्क्रीन पर ‘मन की बात’ का सामूहिक प्रसारण किया गया।कार्यक्रम के बाद अनिल विज ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री के संदेशों को समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणादायक बताया।
विज ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं,बल्कि देश के 140 करोड़ लोगों को एक सूत्र में जोड़ने का सशक्त माध्यम बन चुका है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे सकारात्मक कार्यों,नई तकनीकों के उपयोग और समाज के उन गुमनाम नायकों की चर्चा करते हैं,जिनके योगदान से देश आगे बढ़ रहा है,लेकिन जिन्हें अक्सर पहचान नहीं मिल पाती।उन्होंने कहा कि पहले लोगों का ध्यान केवल दिल्ली तक सीमित रहता था,लेकिन अब देश के दूर-दराज़ सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की परिस्थितियों और उनके योगदान की जानकारी भी ‘मन की बात’ के माध्यम से पूरे देश तक पहुंचती है। विज ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता फैलाने और नवाचार को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया।
अनिल विज ने कहा कि प्रधानमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय की गौरवशाली विरासत का उल्लेख करते हुए उसके पुनर्निर्माण और भारतीय शिक्षा परंपरा को आगे बढ़ाने की बात कही।इसके साथ ही उन्होंने प्लास्टिक प्रदूषण को गंभीर चुनौती बताते हुए उसके दुरुपयोग पर रोक लगाने की अपील की।विज ने कहा कि प्लास्टिक न तो आसानी से नष्ट होता है और न ही गलता है,जिससे जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होती है और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने उन संस्थाओं की भी सराहना की जो प्लास्टिक कचरे की रीसाइक्लिंग कर उसे उपयोगी उत्पादों में बदल रही हैं।विज ने कहा कि प्रधानमंत्री का उद्देश्य देशवासियों को जागरूक करना,पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना और पूरे देश को विकास एवं जनभागीदारी के सूत्र में बांधे रखना है।







