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परंपरागत खेती छोड़ बागवानी की ओर बढ़ा किसान, 70 एकड़ में लगाया अमरूद का बाग, हर साल तैयार कर रहा 35 हजार फल पौधे

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टोहाना | फतेहाबाद जिले के टोहाना क्षेत्र के गांव बिढाईखेड़ा में किसानों का रुझान अब परंपरागत खेती से हटकर बागवानी की ओर बढ़ रहा है। इसी कड़ी में किसान विनोद सहरावत ने नवाचार की मिसाल पेश करते हुए करीब 70 एकड़ भूमि पर अमरूद का बाग विकसित किया है। उन्होंने अपनी माता शारदा देवी के नाम पर ‘शारदा फ्रूट नर्सरी’ की स्थापना की है, जहां हर वर्ष लगभग 35,000 फलदार पौधों का उत्पादन किया जाता है।

विनोद कुमार के अनुसार, इस नर्सरी से वे सालाना लगभग दो लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। नर्सरी में इस समय 20,000 अमरूद, 5000 किन्नू, 3000 माल्टा और 7000 नींबू के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अमरूद के पौधे जनवरी में लगाए गए थे और मई में बिक्री के लिए तैयार हो गए। एक पौधे की उत्पादन लागत 25 रुपये आती है, जिसे बाजार में 80 रुपये में बेचा जाता है।

सरकार भी इस दिशा में किसानों को भरपूर प्रोत्साहन दे रही है। अमरूद के पौधों पर प्रति पौधा 75 रुपये तथा किन्नू पर 100 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। वहीं, सिंचाई के लिए जल टैंक बनाने पर 90% और ड्रिप सिस्टम लगाने पर 80% तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है।

कैथल के झाड़ोला गांव से पौधे लेने पहुंचे किसान मुल्तान ने बताया कि वे पहले ही ढाई एकड़ में बागवानी से 9 लाख रुपये तक कमा चुके हैं और अब चार एकड़ में और विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं और सब्सिडी किसानों को परंपरागत खेती से आगे बढ़कर आधुनिक कृषि अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

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