सिरसा | हरियाणा के सिरसा जिले में बरसाती मौसम शुरू होने से पहले ही घग्गर नदी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पिछले साल घग्गर नदी में आए उफान से जिले के हजारों एकड़ क्षेत्र में जलभराव हो गया था, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थीं। कई किसानों को अब तक नुकसान का पूरा मुआवजा भी नहीं मिल पाया है। ऐसे में इस बार प्रशासन पहले से सतर्क नजर आ रहा है।
आगामी मानसून को देखते हुए अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अर्पित सांगल ने ओटू वियर, हिसार घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन और गांव तलवाड़ा के पास घग्गर नदी क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से जलभराव संभावित इलाकों, तटबंधों की स्थिति, मशीनरी की उपलब्धता और जल निकासी व्यवस्थाओं की तैयारियों की जानकारी ली।इस दौरान घग्गर डिवीजन के कार्यकारी अभियंता संदीप शर्मा, एसडीओ रघुबीर शर्मा और पंचायती राज विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
एडीसी अर्पित सांगल ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पिछले वर्षों की स्थिति को देखते हुए इस बार किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जिन स्थानों पर कटाव का खतरा अधिक है, वहां समय रहते मिट्टी डालकर तटबंध मजबूत किए जाएं। साथ ही पुलों और ड्रेनों के आसपास सफाई व्यवस्था बेहतर रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि बारिश के दौरान पानी का बहाव बाधित न हो।
उन्होंने कहा कि ऊपरी क्षेत्रों से अधिक पानी आने की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों के लिए सभी जरूरी इंतजाम पहले से पूरे रखे जाएं। सभी ड्रेनों, तटबंधों और जल निकासी व्यवस्थाओं की मरम्मत और मजबूतीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके। प्रशासन का मानना है कि समय रहते तैयारियां पूरी कर ली जाएं तो पिछले साल जैसी तबाही और किसानों को होने वाले भारी नुकसान से काफी हद तक बचा जा सकता है।







