अंबाला | अंबाला नगर निगम चुनाव के बीच मेयर पद को लेकर सियासी माहौल और गर्म हो गया है। भाजपा की मेयर प्रत्याशी अक्षिता सैनी के नामांकन को लेकर अब मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। कांग्रेस प्रत्याशी कुलविंदर कौर ने अदालत में याचिका दायर कर रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा अक्षिता सैनी का नामांकन स्वीकार किए जाने के फैसले को रद्द करने की मांग की है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि अक्षिता सैनी ने अपने चुनावी हलफनामे (फॉर्म-1सी) में वैवाहिक स्थिति और पति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई है। कुलविंदर कौर का दावा है कि अक्षिता ने पति से संबंधित कॉलम में ‘लागू नहीं’ लिखा, जबकि उन्होंने अपनी नाबालिग बेटी अनन्या सैनी का उल्लेख किया है। ऐसे में पति की आय, पैन नंबर और संपत्ति का विवरण न देना चुनावी नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है।
कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से पेश अधिवक्ता नरिंदर सिंह बहगल ने अदालत में कहा कि अक्षिता सैनी ने वर्ष 2024 में अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ अंबाला सिटी थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जो उनके विवाहित होने का स्पष्ट प्रमाण है। इसके बावजूद चुनावी दस्तावेजों में पति संबंधी जानकारी छिपाई गई।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने इस गंभीर आपत्ति को केवल लिपिकीय त्रुटि मानकर खारिज कर दिया, जो कानूनन गलत और मनमाना फैसला है। कुलविंदर कौर का कहना है कि मतदाताओं को प्रत्याशी की पारिवारिक और आर्थिक पृष्ठभूमि जानने का पूरा अधिकार है और किसी भी जानकारी को छिपाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।
अंबाला सिटी के सेक्टर-10 निवासी 60 वर्षीय कुलविंदर कौर ने संविधान के अनुच्छेद 226 और 227 के तहत हाईकोर्ट में यह याचिका दाखिल की है। मामले की सुनवाई 11 मई को, यानी मतदान के एक दिन बाद होगी। अब सबकी निगाहें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं कि भाजपा प्रत्याशी अक्षिता सैनी चुनावी मैदान में बनी रहेंगी या उनके नामांकन पर कानूनी कार्रवाई होगी।







