Home Haryana हरियाणा में बेटी-बचाओ फेल, अब जान-माल-बचाओ अभियान जरूरी: चित्रा सरवारा

हरियाणा में बेटी-बचाओ फेल, अब जान-माल-बचाओ अभियान जरूरी: चित्रा सरवारा

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अंबाला छावनी (अंकुर कपूर): प्रदेश में चरमराती कानून व्यवस्था ने हरियाणा की हरि भूमि को अपराधियों की भूमि बना दिया है। प्रदेश में जंगलराज स्थापित है, ये एनसीआरबी द्वारा जारी आंकड़ों ने साबित कर दिया है। राष्ट्रीय अपराध की रिपोर्ट के अनुसार राज्य की गठबंध की सरकार के कुशासन में आज हरियाणा देश का सबसे असुरक्षित राज्य है। महिलाओं के प्रति अपराध 27 फीसदी बढ़ा है। आम आदमी पार्टी की नेत्री चित्रा सरवारा ने कहा कि गठबंधन सरकार की विफलता चहुंओर बोल रही है। महिलाओं के प्रति दरिंदगी बढ़ गई है और अपराधी बेखौफ व बेलगाम हो गए हैं। यह मात्र आरोप नहीं, इस तथ्य की पुष्टि एनसीआरबी के आंकड़े करते हैं।

प्रदेश ने देखा किस तरह आज पुलिस वालों को और जनता के चुने हुए विधायकों को खुले आम धमकियां मिलती हैं लेकिन पुलिस और प्रशासन को कोई बदमाश कभी नहीं मिलता। हम सभी ने देखा किस तरह एक अंतर्राष्ट्रीय महिला खिलाड़ी और कोच ने खेलमंत्री पर शोषण की एफआईआर दर्ज कराई। चित्रा ने कहा कि धरातल पर अपराधी मजबूत हैं और सरकार मजबूर, वरना अपराधी प्रदेश में खुलेआम अपराधों को अंजाम देने की जरूरत नहीं कर पाते। अगर सरकार कहीं मजबूत दिख रही है तो सिर्फ विज्ञापनों में। उन्होंने कहा कि क्या सरकार के सारे लॉ एंड ऑर्डर सिर्फ गरीब व वंचित तबके के लिए ही हैं?

आप नेत्री ने कहा कि यूं तो हरियाणा के गृहमंत्री जी द्वारा बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। जनता समस्या दरबार में उनके द्वारा दरबार में आज 5000 या 6000 शिकायतें उन्होंने सुनी। हरियाणा पिछले कईं सालों से बेरोजगारी में भी नंबर वन बना हुआ है। दूध-दही के खाने वाले प्रदेश में युवा बेरोजगारी का निवाला बन कर रह गया है। प्रदेश में इस बीजेपी के राज में नशे का कारोबार भी खूब फैला फूला है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा जारी रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि इस बीजेपी राज में महिला अपराध से संबंधित एक साल में 3658 मामले ज्यादा दर्ज किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि खुद एनसीआरबी रिपोर्ट ने इस बात पर हैरानी जताई कि वर्ष 2020 में 13000 मामले महिला अपराध के दर्ज किए गए थे, जो 2021 में बढ़कर 16658 पर पहुंच गए हैं। 2020 में 1373 की तुलना में 2021 में 1716 बलात्कार की घटनाएं शामिल हैं। घरेलू हिंसा के मामले में भी पिछले एक साल में 450 रिकॉर्ड किए गए हैं।

आप नेत्री ने एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट का हवाला देते हुए खट्टर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सबसे हैरानी की बात यह है कि राज्य में महिलाओं की शिकायतों के लिए हरियाणा राज्य महिला आयोग होने के बाद भी दिल्ली शिकायतें पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के साथ बदसलूकी की घटनाओं के साथ साथ प्रदेश में आए दिन हत्या,लूट व दुष्कर्म की घटनाएं भी बढ़ी हैं, ये सरकार अपराधों पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है, ऐसी सरकार को सत्ता में रहने का अब कोई हक नहीं रह गया है। इस अवसरवादी गठबंधन सरकार में प्रदेश की जनता खुद को ठगा और असुरक्षित महसूस कर रही है।

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