कुरुक्षेत्र | कुरुक्षेत्र जिले में बिना वैध लाइसेंस के संचालित हो रहे इमिग्रेशन सेंटर लोगों के लिए बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। जिले में दर्जनों ऐसे सेंटर सक्रिय हैं, जो विदेश भेजने और वीजा दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये वसूल रहे हैं। ये सेंटर खुद को कंसल्टेंसी या वीजा सेवा प्रदाता बताकर लोगों को आकर्षक वादों के जरिए अपने जाल में फंसा रहे हैं।
इन अवैध सेंटरों के कारण कई लोग अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी गंवा चुके हैं। हाल ही में ठगी का शिकार हुई एक महिला द्वारा मानसिक तनाव में आत्महत्या करने का मामला सामने आने के बाद इस पूरे नेटवर्क पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि एजेंट विदेश में नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर मोटी रकम ऐंठ लेते हैं, लेकिन बाद में न तो वादे पूरे होते हैं और न ही कोई सहायता मिलती है।
पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मामलों में तेजी आई है। कई बार पुलिस द्वारा एजेंटों के खिलाफ केस भी दर्ज किए गए हैं, बावजूद इसके यह अवैध नेटवर्क लगातार फैलता जा रहा है। कुछ मामलों में युवाओं को गैरकानूनी तरीकों से विदेश भेजा गया, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार कर वापस भेज दिया गया। इस मुद्दे पर पहले भी सरकार ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए थे और लाइसेंसिंग प्रक्रिया को अनिवार्य किया था, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जानकारी के अभाव में लोग आसानी से ठगी का शिकार हो जाते हैं। विदेश जाने की चाह में कई लोग बिना जांच-पड़ताल के एजेंटों पर भरोसा कर लेते हैं, जो बाद में भारी नुकसान का कारण बनता है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि सरकार और प्रशासन द्वारा वैध इमिग्रेशन सेंटरों की सूची सार्वजनिक की जाए, ताकि लोग सही और गलत की पहचान कर सकें और ठगी से बच सकें।
वहीं पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने कहा है कि जिले के सभी इमिग्रेशन सेंटर संचालकों के साथ जल्द बैठक की जाएगी और नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी एजेंट या सेंटर पर भरोसा करने से पहले उसकी वैधता और लाइसेंस की पूरी जांच जरूर करें।







