Karnal, 13 July
हरियाणा की जेलों में बंद कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। करनाल जिला जेल में अब कैदी पेट्रोल पंप का संचालन करेंगे। रविवार को हरियाणा के डीजी जेल मोहम्मद अकील ने इस अनोखे प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया।
यह मॉडल पहले कुरुक्षेत्र में बेहद सफल रहा और अब करनाल समेत अंबाला, यमुनानगर, हिसार और सोनीपत में भी इसे लागू कर दिया गया है। आने वाले समय में फरीदाबाद, नूंह, सिरसा, जींद, नारनौल और भिवानी में भी ऐसे पंप खोले जाएंगे। इन पेट्रोल पंपों पर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) का सहयोग है और फिलहाल यहां पेट्रोल-डीजल की सुविधा उपलब्ध है। जल्द ही CNG और ईवी चार्जिंग स्टेशन भी शुरू होंगे।
डीजी अकील ने बताया कि यह पंप 24 घंटे खुले रहेंगे और इनकी आमदनी सीधे सरकार के खाते में जाएगी। उन्होंने इसे “मोस्ट मॉडर्न एक्सपेरिमेंट” करार देते हुए कहा कि इससे न सिर्फ कैदियों को रोज़गार मिलेगा, बल्कि जनता को गुणवत्तापूर्ण ईंधन और सरकार को राजस्व भी मिलेगा।
कैदियों के लिए सुधारात्मक और व्यावसायिक प्रशिक्षण भी जारी
जेल प्रशासन ने बताया कि कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जेलों में 135 से अधिक उत्पादों का निर्माण हो रहा है। पुरुष कैदी कंप्यूटर, टेलरिंग, स्टील वर्क आदि क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जबकि महिला कैदियों को मेकअप और सिलाई जैसे कार्यों में प्रशिक्षित किया जा रहा है। जेलों में आधुनिक मशीनें भी लगाई गई हैं जिससे उत्पादों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो रही है।
शिक्षा और व्यवहार सुधार पर भी फोकस
डीजी अकील ने बताया कि अपराध अक्सर क्षणिक गुस्से या लालच की वजह से होते हैं, इसलिए कैदियों को नियमित रूप से मोटिवेशनल सेशंस दिए जा रहे हैं ताकि वे दोबारा अपराध की ओर न लौटें। इसके साथ ही, इग्नू के सहयोग से जेलों में स्किल डेवेलपमेंट, आईटीआई और डिप्लोमा कोर्स भी संचालित हो रहे हैं, जो कैदियों के भविष्य को नई दिशा देने में मदद कर रहे हैं।







