फरीदाबाद | 1200 साल पुराने ऐतिहासिक गांव अनंगपुर और आसपास के अन्य रिहायशी क्षेत्रों को तोड़ने के नोटिस ने लोगों में आक्रोश फैला दिया है। रविवार को सूरजकुंड गोलचक्कर पर सर्वसमाज की महापंचायत बुलाई गई, जिसमें 360 पाल के अध्यक्ष सुरेंद्र सोलंकी, 56 पाल के अध्यक्ष अरुण जैलदार और अन्य प्रतिनिधियों ने सरकार को कड़ी चेतावनी दी। पंचायत में मांग की गई कि सरकार तुरंत तोड़फोड़ की कार्रवाई रोके और जिनके निर्माण ढहाए गए हैं, उन्हें उचित मुआवजा दे।
महापंचायत ने 4500 एकड़ पहाड़ी क्षेत्र में से 2 हजार एकड़ को वन भूमि घोषित करने और बाकी 2500 एकड़ ग्रामीणों को सौंपने की मांग की। साथ ही सरकार से ऑर्डिनेंस लाकर सुप्रीम कोर्ट से राहत दिलाने का आग्रह भी किया गया। ग्रामीणों ने साफ किया है कि जब तक समाधान नहीं मिलेगा, धरना जारी रहेगा। यदि 30 दिन में हल नहीं निकला, तो सख्त फैसले लिए जाएंगे।
किसान नेता राकेश टिकैत और सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने भी इस संघर्ष का समर्थन किया। दुष्यंत चौटाला ने सवाल उठाया कि सुप्रीम कोर्ट ने आबादी हटाने का कोई आदेश नहीं दिया, फिर भी सरकार कार्रवाई क्यों कर रही है?







