चरखी दादरी | जिला सिविल अस्पताल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने वाले एक लैब टेक्नीशियन का भांडाफोड़ हुआ है। आरोपी ने तीन साल सात महीने (43 महीने) तक वेतन उठाया, लेकिन अब सीएम फ्लाइंग की जांच में उसकी डिग्री फर्जी पाई गई। इस मामले में चरखी दादरी सिटी थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है।
सीएम फ्लाइंग को मिली थी शिकायत
सीएम फ्लाइंग रोहतक इकाई के उपनिरीक्षक कर्मबीर सिंह ने सिटी थाना पुलिस को भेजी शिकायत में बताया कि अजय नामक व्यक्ति ने एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के तहत लैब टेक्नीशियन पद पर सिविल अस्पताल दादरी में दिसंबर 2020 के विज्ञापन के आधार पर नियुक्ति ली थी। योग्यता के तौर पर बीएससी इन लैब टेक्नोलॉजी या डिप्लोमा अनिवार्य था।
नकली डिग्री से मिली नौकरी
जांच में सामने आया कि अजय ने हिमालयन यूनिवर्सिटी, ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश) से 2019 में डिग्री दिखाकर नौकरी पाई थी। लेकिन जब विश्वविद्यालय से दस्तावेजों की सत्यता की जांच करवाई गई तो वे फर्जी निकले। यह नियुक्ति एक कमेटी द्वारा की गई थी जिसमें सीएमओ, डिप्टी सीएमओ और डीसी दादरी का प्रतिनिधि शामिल थे।
सरकारी राजस्व को नुकसान, केस दर्ज
तीन साल सात महीने तक गलत तरीके से सरकारी वेतन लेने और राजस्व को नुकसान पहुंचाने पर सीएम फ्लाइंग ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपी अजय के खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468 (जालसाजी), और 471 (फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल) के तहत केस दर्ज कर लिया है।







