चंडीगढ़ | हरियाणा में 72 करोड़ रुपये के वैट रिफंड घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के पूर्व अधिकारी सुनील कुमार बंसल और पूर्व विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा को गिरफ्तार किया है। इन दोनों को पंचकूला स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में पेश किया गया, जहां से ED को पांच दिन की रिमांड मिली है।
बिल्डरों की मिलीभगत से सस्ते प्लॉट, महंगे सौदे
सूत्रों के मुताबिक, HSVP में कार्यरत कुछ अधिकारियों ने बिल्डरों से सांठगांठ कर अपने करीबी लोगों को बाजार मूल्य से कम कीमत पर सरकारी प्लॉट दिलवाए। बाद में इन्हीं प्लॉटों को ऊंचे दामों पर बाजार में बेचा गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह घोटाला 72 करोड़ रुपये तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसकी राशि कई गुना अधिक हो सकती है।
गुरुग्राम से हिसार तक फैला नेटवर्क
ED की जांच में यह भी सामने आया है कि यह फर्जीवाड़ा केवल एक जिले तक सीमित नहीं था। गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, रेवाड़ी, करनाल, पंचकूला और हिसार जैसे शहरों के कई बिल्डरों की इस गड़बड़ी में भूमिका रही है। इससे पहले ED इस मामले में करीब 21 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी सीज कर चुकी है।







