हरियाणा | हरियाणा में प्रदूषण स्तर लगातार बढ़ने के साथ प्रशासन ने पराली जलाने के मामलों पर सख्त रुख अपनाया है। बीते एक सप्ताह में तेजी से बढ़े मामलों के बीच जींद, फतेहाबाद, हिसार और सिरसा में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है।
जींद में 35 किसान गिरफ्तार, 78 केस दर्ज
वीरवार को जींद पुलिस ने पराली जलाने के आरोप में 35 किसानों को गिरफ्तार किया। जिले में अब तक 78 किसानों के खिलाफ केस दर्ज हो चुके हैं और कुल 3.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
78 किसानों की जमीन पर रेड एंट्री भी दर्ज की गई है।
एसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि पुलिस को पराली प्रोटेक्शन फोर्स के साथ तैनात किया गया है और किसी भी तरह के विरोध पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फतेहाबाद, हिसार और सिरसा में कार्रवाई
फतेहाबाद में पराली जलने की बढ़ती घटनाओं के बीच चार पुलिसकर्मियों को निलंबित, जबकि 23 पुलिसकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जिले में पिछले सप्ताह 50 स्थानों पर पराली जलने की जानकारी मिली और कुल 75 घटनाओं में से 19 मामलों में एफआईआर दर्ज हुई है। अब तक 1.80 लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला जा चुका है।
हिसार में तीन नोडल अधिकारी, जबकि सिरसा के ऐलनाबाद में पटवारी हिमांशु और ग्राम सचिव प्रदीप कुमार को निलंबित किया गया है।
राज्यस्तर पर बढ़ी सख्ती
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अनुसार अब तक:
- 175 किसानों पर रेड एंट्री
- 188 किसानों पर पुलिस केस
- 9.50 लाख रुपये जुर्माना, जिनमें से 7.05 लाख रुपये की वसूली
- 118 नोडल अधिकारियों को नोटिस
प्रदूषण के बढ़ते हालात
हरियाणा के 16 शहरों में एयर क्वालिटी बेहद खराब स्तर पर दर्ज की गई।
कुछ प्रमुख शहरों का AQI इस प्रकार रहा:
- चरखी दादरी: 349
- सोनीपत: 347
- फतेहाबाद: 340
- जींद: 333
- गुरुग्राम: 300
प्रशासन का कहना है कि पराली जलाने पर सख्ती आगे भी जारी रहेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में टीमों को लगातार निगरानी के लिए तैनात किया गया है।







