Faridabad, 15 May: शहर के मेट्रो चौक के पास रोज़ाना अपनी रेहड़ी लगाकर परिवार पालने वाले दर्जनों छोटे दुकानदारों को उस समय बड़ा झटका लगा जब नगर निगम की टीम ने अचानक कार्रवाई करते हुए उनकी रेहड़ियों को उखाड़ फेंका। कई रेहड़ी चालक अपनी गाड़ियां लेकर भागते दिखे, लेकिन निगमकर्मियों ने उन्हें पकड़कर उनके साधनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
इस कार्रवाई से आक्रोशित रेहड़ी चालकों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन लेकर छोटा-मोटा कारोबार चला रहे थे। अब जब उनकी रेहड़ियां तोड़ दी गईं, तो वे ना तो घर चला पाएंगे और ना ही लोन चुका सकेंगे।
“मासिक वसूली के बाद भी उजाड़ दिया” – पीड़ितों का आरोप
पीड़ितों ने आरोप लगाया कि नगर निगम के कर्मचारी हर महीने उनसे अवैध रूप से वसूली करते थे, इसके बावजूद आज उन्हें बेरोजगार कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि न तो उन्हें कोई लिखित नोटिस दिया गया, न ही कोई वैकल्पिक स्थान मुहैया कराया गया। उनका कहना है कि यह पूरी कार्रवाई एकतरफा और अन्यायपूर्ण है।
सरकार से उठे सवाल
रेहड़ी चालकों ने सवाल उठाया कि जब एक ओर सरकार उन्हें मुद्रा योजना जैसी योजनाओं के तहत आत्मनिर्भर बनाने का दावा करती है, तो दूसरी ओर ऐसी कार्रवाई उनके पूरे तंत्र पर सवाल खड़ा करती है।







