महेंद्रगढ़ | आठ साल की एक बच्ची ने जब पुलिस थाने की SHO की कुर्सी संभाली तो उसकी मासूम मगर दृढ़ आवाज ने वहां मौजूद सभी का दिल जीत लिया। मौका था स्कूल के शैक्षणिक भ्रमण का, जिसमें छात्रा अन्नू को कुछ देर के लिए नारनौल थाना प्रभारी की कुर्सी पर बैठाया गया।
बच्ची का जवाब बना तालियों की वजह
जब अन्नू से पूछा गया कि अगर वह SHO बन गई है तो सबसे पहले क्या करेगी, तो उसका जवाब था – “सभी बदमाशों को जेल में बंद कर दूंगी।” यह सुनकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी और अन्य अधिकारी तालियों से उसका उत्साहवर्धन करने लगे।
पुलिस स्टेशन और डाकघर का किया गया शैक्षणिक भ्रमण
यह आयोजन राजकीय प्राथमिक विद्यालय कालबा के छात्रों के लिए आयोजित ‘कक्षा तत्परता कार्यक्रम’ के तहत किया गया था। भ्रमण में शिक्षक कृष्ण नांगली, उपमुख्य अध्यापक जयवीर, डीपीई करण सिंह और केसीसी रतीराम बच्चों के साथ मौजूद रहे।
छात्रों को पहले नांगल चौधरी थाना और फिर डाकघर का भ्रमण कराया गया। पुलिस स्टेशन में थाना प्रभारी छत्रपाल ने बच्चों का स्वागत किया और थाने की कार्यप्रणाली से अवगत कराया।
SHO की कुर्सी पर बैठने का सपना हुआ सच
छात्रा अन्नू की बातचीत से प्रभावित होकर SHO छत्रपाल ने उसे कुर्सी पर बैठाने की अनुमति उच्चाधिकारियों से ली और उसे कुछ देर के लिए थाने की प्रभारी की कुर्सी पर बैठने का मौका दिया।
यह क्षण अन्नू और उसके साथियों के लिए ना केवल एक यादगार अनुभव बना, बल्कि बच्चों के मन में पुलिस और प्रशासन के प्रति सकारात्मक सोच भी विकसित हुई।







