रोहतक | हरियाणा राज्य स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, “अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण” लक्ष्य पर हरियाणा को 73 अंक प्राप्त हुए हैं। राज्य में आयुष्मान भारत योजना और वय वंदना योजना जैसे प्रयासों ने आमजन को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने में अहम भूमिका निभाई है।
1.62 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी, बुजुर्गों को भी मिल रही राहत
राज्य में अब तक 1.61 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इनमें से 46.46% कार्ड महिलाओं के नाम पर हैं। 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को वय वंदना कार्ड के माध्यम से निशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। योजना का सबसे अधिक लाभ 45-59 आयु वर्ग के करीब 3.18 लाख नागरिकों ने उठाया है।
1,677 पैनल अस्पतालों से जुड़ी योजना
हरियाणा में कुल 1,677 अस्पताल आयुष्मान योजना से इम्पैनल्ड हैं, जिनमें 503 सरकारी और 1,174 निजी अस्पताल शामिल हैं। ये अस्पताल आयुष्मान कार्डधारकों को मुफ्त उपचार सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
आरोग्य मंदिर बन रहे प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा का आधार
देशभर में 1.76 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) सक्रिय हैं, जो प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। इन केंद्रों पर अब तक 107.10 करोड़ हाई ब्लड प्रेशर और 94.56 करोड़ डायबिटीज की जांचें की जा चुकी हैं। इसके अलावा योग, ध्यान और साइक्लिंग जैसी गतिविधियों के ज़रिए करीब 5.06 करोड़ वेलनेस सत्र आयोजित किए गए हैं।
हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति एक नजर में
- कुल आयुष्मान कार्ड बने: 1,61,59,707
- महिलाओं का पंजीकरण: 46.46%
- पुरुषों का पंजीकरण: 53.54%
- सरकारी अस्पताल: 503
- निजी अस्पताल: 1,174
राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत केंद्र से प्राप्त राशि (करोड़ ₹ में)
| वर्ष | अनुदान राशि |
| 2019-20 | 2,299.48 |
| 2020-21 | 3,034.42 |
| 2021-22 | 647.70 |
| 2022-23 | 1,219.91 |
| 2023-24 | 3,026.59 |
| कुल | 10,228.09 |
हरियाणा सरकार की यह कोशिश दर्शाती है कि राज्य स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मजबूत और सकारात्मक बदलाव की ओर बढ़ रहा है।







