हिसार, 6 जनवरी -.हरियाणा में दूध दही का खाना इस कहावत को सिद्ध करके दिखाया है हरियाणा की दादी मनोहरी देवी ने जो भिवानी जिले के तहसील सिवानी के गांव लीलस की रहने वाली है।उनकी आयु सौ वर्ष हो चुकी है जो कि गांव की सबसे बुर्जुग उम्रदराज महिला है। इनका 100 वा जन्म दिन बड़े धूमधाम से मनाया गया है। गांव की सबसे बुर्जुग महिला मनोहरी देवी की पांच पीढियों के ( परिजनो है सभी ने मिलकर इनका जन्म दिन बडे धूम धाम से मनाया है.इस दौरान सभी परिवार के इनके जन्म दिवस पर एक हुए केक काट कर खुशियां मनाई। दादी मनोहरी संदेश देती है सभी को परिवार में मिल जुलकर रहना चाहिए और युवाओं महिलाओं से कहती रहती है फास्ट फूड का सेवन नही करना चाहिए फलों व हरि सब्जियों का सेवन घर में करना चाहिए।
मनोहरी देवी के छह पुत्र और छह पुत्रियां
सौ की मनोहरी देवी लीलस गांव की सबसे बुर्जुग महिला है उनका पूरा परिवार है।मनोहरी के परिवार में उनके पति स्व. बुध राम खिचड थे जो भारतीय सेना में अपनी सेवाए दे चुके थे। इनके पुत्र छह मनफूल खिचड़, रामसस्वरुप ओमप्रकाश, रामकुमार संतलाल, सतबीर, जबकि छह पुत्रिया सरस्वती, मैनावती, बीमरा देवी, शारदा देवी व जैटल व सुखी देवी है उनके साथ 19 पौत्र पौत्रियां है और उनका 5 पीढी में 21 पड़पोते और पड़पोतिया है।
खीर हलवा, दाल रोटी घी, बाजरे व गेहू की रोटी का सेवन करती है
उपमंडल सिवानी के समीप गांव लीलस के मोहन बिश्नोई ने अपनी दादी मनोहरी देवी के बारे में बताया कि उनका जीवन हमेशा सीधा साधा रहा है खानपान हमेशा अच्छा रहता है मनोहर देवी आज तक फास्ट फूड का सेवन नहीं किया हमेशा घर में दूध दही से व्यंजनों इस्तेमाल माल किया बाजारी खाने पीने के वस्तुओं से वह हमेशा दूर रही है। मनोहर देवी आज भी सौ साल होने के बाद अपने घर में चल फिर लेती है अब भी रोटी दूध दलिया, खीर हलवा, दाल रोटी घी, बाजरे व गेहू की रोटी का सेवन करती है उन्हें आज इतनी आयु में आज भी आँखों दिखाई देता है। हमेशा बड़े बच्चों को सही संदेश देती रही है बाजारी खाने पीने के फास्ट फूड जैसी वस्तुओं का सेवन न करे इन खाने से शरीर में नुकसान पहुंचता है बच्चों से कहती है कि बाजारी पैकेट नहीं खाने चाहिए । उनके बेटा बेटी अलग अलग रहते है परंतु परिवार में किसी प्रकार का शुभ कार्यक्रम होने पर सभी एकत्रित हो जाते है।
मनोहरी देवी सौ साल की आयु में सुई में धागा डाल लेती है
मोहन बिश्नोई ने अपनी दादी के बारे में बताया कि उनकी खासियत यह कि उनकी दादी के दांत आज भी सही खाना अच्छे ढंग से खा लेती है. खाने में मजबूत चीजें भी खा लेती है उन्हें किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। आंखों की रोशनी आज भी बरकरार है. आंखों की रोशनी अभी इतनी तेज है कि सुई में आज भी सौ साल की आयु में धागा ढाल लेती है.घर में घुम फिर लेती है उनका स्वास्थ्य काफी अच्छा है, किसी प्रकार का कोई रोग नहीं है।







