9 अगस्त पानीपत- भले ही गोल्डन ब्वाय नीरज चोपड़ा पेरिस ओलिम्पिक में गोल्ड ना जीत पाए हैं, लेकिन रजत हासिल करने के बाद से भी उनके पैतृक गांव खंडरा में दीवाली का सा माहौल देखा गया। फाइनल शुरू होने से पहले ही ग्रामीणों का उत्साह देखने योग्य रहा। गांव खंडरा में आधी रात को भी लोग नीरज का गांव में लगी हुई बड़ी स्क्रीन पर इस तरह से हौसला बढ़ाते रहे, मानो की सभी लोग पेरिस में ही नीरज को देख रहे हों। रजत हासिल करने के बाद भी गांव में खुशी का माहौल बना रहा, इस दौरान आसपास के लोगों ने भी लड्डू बांटकर और आतिशबाजी चलाकर दीवाली जैसा माहौल बना दिया।
बता दें कि पेरिस ओलंपिक में प्रदर्शन के लिए नीरज चोपड़ा ने करीब आठ माह तुर्की में रहकर कड़ा अभ्यास किया। उन्होंने लगातार दूसरे ओलंपिक में पदक जीता है। उन्होंने ये पदक जीतकर इतिहास रचा है। टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता भारतीय एथलीट नीरज चोपड़ा पेरिस में अपने प्रदर्शन को नहीं दोहरा सके और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। पाकिस्तान के नदीम ने अपने दूसरे प्रयास में 92.97 मीटर का रिकॉर्ड थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, नीरज चोपड़ा ने दूसरे प्रयास में 89.45 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत और ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 88.54 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे। नीरज और नदीम ने फाउल के साथ शुरुआत की थी, लेकिन पाकिस्तान के नदीम ने दूसरे प्रयास में ओलंपिक का रिकॉर्ड तोड़ते हुए अपनी दावेदारी मजबूत कर ली। नीरज ने भी दूसरे प्रयास में अपने इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन वह नदीम से आगे नहीं निकल सके।नीरज सिर्फ एक ही सफल प्रयास कर सके और उन्होंने छह में से पांच फाउल किए।
वहीं, टोक्यो ओलंपिक में नीरज ने 87.58 मीटर दूर भाला फेंक कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। उन्होंने इस बार टोक्यो से ज्यादा दूर भाला जरूर फेंका, लेकिन स्वर्ण नहीं जीत पाए। हालांकि, वह आजादी के बाद एथलेटिक्स में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए। इससे पहले 1900 में नॉर्मन प्रिचर्ड ने एथलेटिक्स में दो पदक जरूर जीते थे, लेकिन वह ब्रिटिश मूल के थे।नीरज चोपड़ा ने चौथे प्रयास में भी फाउल किया और वह फिलहाल 89.45 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर बने हुए हैं।







