अम्बाला : चन्द्रिका ( TSN)- अम्बाला शहर में रात की बारिश से जगह जगह जलभराव, गंदगी, नालों के भराव को देखते हुए कांग्रेस ने प्रदेश डेलीगेट, मैनीफैस्टो कमेटी के सदस्य व पूर्व कोषाध्यक्ष रोहित जैन की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोइंट कमिशनर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा. SWM( सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) 2016 की गाइडलाइंस के मुताबिक प्रभावी ढ़ग से नाले नालियों की सफाई व कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के लिए ज्ञापन सौंपा व उसके बाद रोष प्रकट करते हुए कमिशनर नगर निगम व मेयर के कमरों के बाहर झाडू लगा सिंबॉलिक/प्रतिकात्मक प्रदर्शन किया। इस अवसर पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने नगर निगम जागो व नगर निगम होश में आओ के नारे लगाए.
इस अवसर पर रोहित जैन ने मीडिया से बात करते हुए कहा की अंबाला में ट्रिपल इंजन सरकार है लेकिन सरकार की सफाई व्यवस्था पर कोई ध्यान नही है। जिसके कारण अंबाला ने पिछली बार 2023 में बाढ़ झेली थी। इस बार भी ऐसा ही है,शहर के नालों की सफाई पर कोई ध्यान नही दिया जा रहा।
रोहित जैन ने कहा अंबाला शहर ने पिछले साल सरकार व नगर निगम की सुस्ती की वजह से बाढ़ जैसी आपदा झेली थी और शहर में आलम इस बार भी ऐसा ही है। अम्बाला शहर में वर्तमान में जो छोटे- बड़े नाले-नालियों की सफाई का कार्य चल रहा है वह सही ढंग से नहीं हो रही है, नालों की सफाई केवल उपर से ही की जा रही है लेकिन नालों के अंदर गाद भरी पड़ी है। शहर में जिस ढ़ंग से सफाई की जा रही है उससे शहर में सन 2023 की भांति बाढ़ आने का व लोगों को जान माल का खतरा है। उन्होंने मांग की की शहर के छोटे बड़े नाले-नालियों की सफाई सही ढ़ंग से SWM (Solid waste Managemaent) 2016 की guidelines की अनुपालना करते हुए की जाए जिसके अनुसार नालों की गाद सही तरीके से निकाली जाए ताकि बारिशों के मौसम के मद्देनजर शहर में बाढ़ जैसी स्थिति से बचा जा सके व लोगों के जान-माल की सुरक्षा हो सके।
इस अवसर पर रोहित जैन ने नगर निगम में कर्मचारियों की कमी और कच्चे कर्मचारियों की समस्याओं को भी उठाया l उन्होंने ज्ञापन में कहा की अंबाला नगर निगम को बने लम्बा अरसा हो गया है। नगर निगम में काफी कम् संख्या मे कर्मचारी सेवा दे रहे हैं l इस समय निगम मे लगभग 495 कर्मचारी है जिसमे से 410 कर्मचारी कच्चे (adhoc ) बेसिस पर कार्य कर रहे है l कच्चे कर्मचारियों पर काफी बोझ है उनसे पक्के कर्मचारियों जितना ही कार्य लिया जाता है जबकि उनका वेतन पक्के कर्मचारियों से आधा भी ना है l उन्होंने सरकार से मांग की कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए व शहर की जरूरत को समझते हुए और पक्के कर्मचारियों की भर्ती की जाए। उन्होंने कहा की यदि नगर निगम में कर्मचारियों की भर्ती की जाए तो वह काम को जिम्मेदारी से करेगे जिससे साफ-सफाई बाढ़ या जलभराव जैसी दिक्कतें नही आएगी। इसलिए सरकार को समय रहते व जागते हुए शहर की जनता की जरूरत को पूरा करना चाहिए।







