राकेश कुमार शर्मा ,करनाल। शहर के डेरा कार सेवा के नजदीक एक 45 वर्षीय व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक के शरीर पर मिले गहरे चोटों के निशानों ने मामले को रहस्यमय बना दिया है। परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए आरोप लगाया है कि पहले उसकी हत्या की गई और बाद में सबूत मिटाने के लिए शव को सड़क किनारे फेंक दिया गया। वहीं पुलिस सड़क दुर्घटना समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह राहगीरों ने डेरा कार सेवा के पास एक व्यक्ति को मृत अवस्था में पड़ा देखा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान 45 वर्षीय मनहरण के रूप में हुई है, जो मूल रूप से छत्तीसगढ़ का निवासी था और पिछले करीब 35 वर्षों से करनाल में रह रहा था। वह कबाड़ का काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था।
मृतक के भाई रामायण और अन्य परिजनों का कहना है कि शरीर पर मौजूद चोटों के निशान किसी सामान्य हादसे की ओर इशारा नहीं करते। उनका आरोप है कि मनहरण की कहीं और हत्या की गई और बाद में शव को घटनास्थल पर लाकर फेंका गया ताकि मामला दुर्घटना जैसा दिखाई दे। परिजनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया। विशेषज्ञों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
मनहरण की पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है। अब उसकी मौत के बाद पांच बच्चों के सिर से पिता का साया भी उठ गया है। परिवार गहरे सदमे में है और घर में मातम का माहौल बना हुआ है।
सिटी थाना करनाल के जांच अधिकारी दीपक ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है, लेकिन शरीर पर मिले चोटों के निशान अन्य संभावनाओं की भी ओर संकेत कर रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह हादसा था या फिर किसी साजिश के तहत की गई हत्या।







