करनाल : चन्द्रिका ( TSN)– मृ+त पशुओं के निपटान के लिए हरियाणा सरकार ने एक नई पहल की है। प्रदेश का पहला प्रदूषण रहित पशु शव+दाह गृह करनाल के सग्गा गांव में बनाया गया है। शव+दाह गृह में पशुओं का दाह करने मे बिजली से साढ़े 3 मिनट और सीएनजी से मात्र 50 सेकंड का समय लगेगा। इससे न धुआं उठेगा और ना दुर्गंध आएगी। सीएनजी आधारित इस शव+दाह गृह को बनाने में 40 लाख रुपए का खर्च आया है।
हेल्पलाइन पर लोग दे सकेंगे सूचना
जिला परिषद के अधीक्षक शीशपाल शर्मा ने बताया कि यह हरियाणा का अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है। इसके बनने से अब प्रदेश में मृ+त पशुओं का दाह करने मे आने वाली परेशानी का समाधान होगा। प्रदेश सरकार की ओर से जिला परिषद द्वारा इस शव+दाह गृह का निर्माण कराया गया है। मृ+त पशुओं की बॉडी का निपटान इस मशीन से करना आसान है, इससे पर्यावरण का भी कोई नुकसान नहीं होगा क्योंकि अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित इस शव+दाह गृह में पशुओं का दाह 1 मिनट से पहले हो जाता है। पशु डेयरी संचालकों और गौशालाओं के लिए मृ+त पशु का दाह सुविधाजनक होगा। उन्होंने कहा कि मृ+त पशुओं की सूचना देने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, जिस पर कोई व्यक्ति मृ+त पशुओं के बारे में जानकारी दे सकता है। उन्होंने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत करनाल जिले में इसकी शुरुआत की गई है जिसके बाद अन्य जिलों में भी इस तरह के शव दाह गृह बनाए जाएंगे।
मृ+त पशु को लाने के लिए गाड़ी की खरीद भी की गई
जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि सोहन सिंह राणा ने बताया कि सग्गा में बनाए गए पशु शव+दाह गृह को बिजली से ऑपरेट करने में 1000 डिग्री टेंपरेचर के साथ मृत+ पशु का दाह होगा जबकि सीएनजी से करने पर 1600 डिग्री तापमान रहेगा। उन्होंने बताया कि बेसहारा मृ+त गोवंश जो किसी न किसी कारण से मृ+त हो जाता है उसको दफ+नाने में भी दिक्कत आती है। कई बार दफ+नाने में जगह की कमी रह जाती है, इसके अलावा गड्ढा खुदवाने के लिए जेसीबी इत्यादि मंगवानी पड़ती है। लेकिन यहां पर मृ+त पशु को दफ+नाने का झंझट खत्म होगा। सोहन सिंह राणा ने बताया कि सग्गा गांव में शव+दाह गृह का निर्माण पूरा हो गया है। इसके निर्माण पर 40 लाख रुपए की लागत आई है और यह जनवरी से काम करना शुरू कर देगा। उन्होंने कहा कि मृ+त पशु को लाने के लिए गाड़ी की खरीद भी की गई है।







