अंकुर कपूर, अंबाला। अमेरिका के साथ हुए व्यापारिक समझौते (ट्रेड डील) के विरोध में सोमवार को अंबाला में किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विभिन्न किसान संगठनों से जुड़े किसान बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार का पुतला फूंककर रोष व्यक्त किया।
किसानों का आरोप है कि अमेरिका के साथ हुए इस व्यापारिक समझौते का सबसे अधिक असर देश के कृषि क्षेत्र पर पड़ेगा। उनका कहना है कि समझौते के बाद सूरजमुखी, दूध, मीट और अन्य कृषि उत्पादों का आयात बढ़ सकता है, जिससे भारतीय किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि यदि विदेशी कृषि उत्पाद बड़े पैमाने पर भारतीय बाजार में प्रवेश करते हैं तो स्थानीय किसानों की फसलों और उत्पादों की मांग प्रभावित होगी। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा और कृषि क्षेत्र में संकट और गहरा सकता है।
किसानों ने केंद्र सरकार से मांग की कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समझौते को लागू करने से पहले किसानों और कृषि संगठनों से व्यापक चर्चा की जाए। उनका कहना है कि देश के किसानों के हितों को नजरअंदाज कर लिए गए फैसले ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से ट्रेड डील के उन प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की मांग की, जिन्हें वे किसान विरोधी मानते हैं। किसानों का कहना है कि कृषि और किसानों की आजीविका की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी समझौते में किसानों के हित सर्वोपरि होने चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।







