भिवानी (अंकुर कपूर): पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक मामले की सुनवाई करते हुए पीड़ित पक्ष की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर न्यायालय के आदेशों की अवमानना का नोटिस जारी किया है। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को जांच कर उचित कार्रवाई का आदेश दिया था, लेकिन इसके बावजूद भी आरोपी पुलिस एसआई पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद पीड़ित को न्यायालय के आदेशों की अवमानना को लेकर फिर से हाई कोर्ट की शरण में जाना पड़ा।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने संगठन के समक्ष मुंढाल वासी मुकेश शर्मा ने शिकायत दी थी। जिसमें मुकेश ने आरोप लगाया था कि गत 3 जून 2016 को मुंढाल पुलिस चौकी में बुलाकर उस समय चौकी इंचार्ज एएसआई रामअवतार ने सात घंटे तक अवैध हिरासत में रखकर मारपीट की थी। जिस पर पीड़ित को खून की उल्टी आई तो उसे अस्पताल में दाखिल कराया गया। जिसका इलाज चला। मुकेश शर्मा ने इसकी शिकायत पुलिस विभाग में दी। जिसकी जांच डीएसपी को सौंपी गई। लेकिन डीएसपी ने कोई कार्रवाई नहीं की।
बृजपाल सिंह परमार ने बताया कि संगठन के माध्यम से मुकेश ने आईजी को इस संबंध में शिकायत दी। जिसकी जांच के बाद आरोपी चौकी इंचार्ज रामअवतार को 30 सितंबर 2016 को निलंबित कर दिया गया था। विभागीय जांच भी कराई गई। जिसमें भी उसे दोषी पाया गया था। लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई आरोपी पर नहीं की गई। मामला मानवाधिकार आयोग के समक्ष भी पहुंचा। लेकिन इसी बीच आरोपी को विभाग ने पदोन्नति देकर एएसआई से एसआई बना डाला। जबकि मानवाधिकार आयोग ने भी आरोपी पर 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था।
पीड़ित की मांग थी कि आरोपी पुलिस कर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। लेकिन विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया। इसके संगठन के अधिवक्ता अभिनव अग्रवाल के माध्यम से मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। हाई कोर्ट ने 22 अगस्त 2022 को इस मामले में पुलिस विभाग द्वारा आरोपी पर उचित कार्रवाई के आदेश दिए गए थे। मगर हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी डीएसपी आर्यन चौधरी व सदर पुलिस थाना एसएचओ रमेश चंद्र ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद अधिवक्ता अभिनव अग्रवाल ने पीडि़त पक्ष को न्याय दिलाने के लिए हाई कोर्ट में न्यायालय के आदेशों की अवमानना दायर की। जिस पर हाई कोर्ट ने भिवानी के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत, डीएसपी आर्यन चौधरी व सदर पुलिस थाना एसएचओ रमेशचंद्र को न्यायालय के आदेशों की अवमानना का नोटिस जारी किया है। इस मामले में हाई कोर्ट ने 11 जनवरी 2023 तक पुलिस विभाग से जवाब मांगा है।







